जमशेदपुर, (संजीव भारद्वाज): जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सरयू राय ने शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से रेलवे की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए, व्यवस्था में मौजूद कमियों को उजागर किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय रेलवे अब यात्री सुविधाओं की पूरी तरह अनदेखी कर केवल ‘मुनाफाखोरी’ पर केंद्रित हो गया है. सरयू राय ने इसे “राजशाही” और “पीड़क मानसिकता” करार देते हुए कहा कि अब इस दमनकारी व्यवस्था को बदलने का समय आ गया है. उनके अनुसार, रेलवे की जो गौरवशाली “शुभ लाभ” की परंपरा थी, वह अब दुर्भाग्यवश प्रबंधन के “लोभ-लाभ” में तब्दील हो गई है, जिसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है.
मालगाड़ियों के लिए रोकी जा रही यात्री ट्रेनें, बढ़ा मानसिक उत्पीड़न
ट्रेनों की लेटलतीफी पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए विधायक सरयू ने कहा कि टाटानगर जंक्शन पहुंचने से कुछ किलोमीटर पहले ही एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को घंटों तक आउटर सिग्नल पर रोक दिया जाता है. उनका सीधा आरोप है कि रेलवे प्रबंधन मालगाड़ियों के सुचारु परिचालन और उससे मिलने वाले राजस्व को प्राथमिकता देने के लिए जानबूझकर यात्री ट्रेनों की आवाजाही को बाधित करता है. उन्होंने सवाल उठाया कि यात्री सुविधाओं की निगरानी के लिए गठित समितियों का प्रभाव धरातल पर क्यों नजर नहीं आता? सरयू राय ने इसे यात्रियों का मानसिक उत्पीड़न बताते हुए कहा कि पांच-छह घंटे तक ट्रेनों में फंसे रहना किसी सजा से कम नहीं है.
मजदूरों और दैनिक यात्रियों की नौकरी पर मंडराया संकट
सरयू राय ने कहा कि इस अव्यवस्था का सबसे भयावह असर चांडिल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से जमशेदपुर आने वाले मजदूरों और दैनिक यात्रियों पर पड़ रहा है. समय पर ट्रेनें न पहुंचने के कारण इन लोगों को कार्यस्थल पर देरी का सामना करना पड़ता है, जिससे कई बार उनकी दिहाड़ी कट जाती है या नौकरी पर खतरा मंडराने लगता है. इसी पीड़ा को स्वर देने के लिए आगामी 7 अप्रैल को सुबह 10 बजे टाटानगर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 के पास एक विशाल धरने का आयोजन किया जा रहा है. सरयू राय ने स्पष्ट किया कि यह किसी एक दल का कार्यक्रम नहीं बल्कि एक जन-आंदोलन है, जिसमें उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और आम जनता से सक्रिय भागीदारी की अपील की है.
स्थानीय सांसद विद्युत वरण महतो से भी शामिल होने का आग्रह
आंदोलन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विधायक ने स्थानीय सांसद विद्युत वरण महतो से भी इस धरने में शामिल होने का औपचारिक आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों का एक मंच पर आना आवश्यक है. सरयू राय ने जमशेदपुर की जागरूक जनता का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि अपने मौलिक अधिकारों और सुविधाजनक रेल यात्रा के लिए सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया जाए. इस घोषणा के बाद से ही शहर के राजनीतिक गलियारों और रेल प्रशासन के बीच हड़कंप की स्थिति बनी हुई है.
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