गढ़वा में अवैध बूचड़खानों पर चला प्रशासन का ‘बुलडोजर’! जेसीबी से ध्वस्त हुआ गोकशी का अड्डा

Garhwa Illegal Slaughterhouse Raid: गढ़वा शहर के उंचरी क्षेत्र में जिला प्रशासन ने अवैध बूचड़खानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. एसडीएम संजय कुमार के नेतृत्व में जेसीबी से अवैध ढांचों को ढहा दिया गया और प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष बरामद किए गए. पढ़ें, कैसे प्रशासन ने गोकशी के नेटवर्क को ध्वस्त कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं.

Garhwa Illegal Slaughterhouse Raid, गढ़वा (अविनाश की रिपोर्ट): गढ़वा शहर के उंचरी क्षेत्र में संचालित अवैध बूचड़खानों और गोकशी की गतिविधियों के विरुद्ध, जिला प्रशासन ने शनिवार को एक अत्यंत आक्रामक और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है. एसडीएम संजय कुमार और एसडीपीओ नीरज कुमार के संयुक्त नेतृत्व में, भारी पुलिस बल के साथ इस सघन छापेमारी अभियान का संचालन किया गया. प्रशासन की टीम ने क्षेत्र की अत्यंत संकीर्ण और तंग गलियों में पहुंचकर संदिग्ध ठिकानों की गहन जांच की, जिससे अवैध कारोबार में संलिप्त असामाजिक तत्वों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. उपायुक्त को प्राप्त अत्यंत गोपनीय सूचनाओं के आधार पर इस पूरी रणनीति को गुप्त रूप से तैयार किया गया था, ताकि अपराधियों को भागने का अवसर न मिल सके.

जेसीबी से ढहाया गया अवैध ढांचा, बरामद हुए साक्ष्य

छापेमारी के दौरान रेल लाइन के समीप एक टिन शेड में संचालित हो रहे विशाल अवैध बूचड़खाने को चिन्हित किया गया, जिसे प्रशासन ने जेसीबी की सहायता से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. घटना स्थल से पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष, चमड़ा और महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में बारकोड युक्त टैग भी बरामद किए हैं. इन सामग्रियों की बरामदगी से यह पूर्णतः स्पष्ट हो गया है कि उक्त स्थान पर लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध गोकशी और मांस का व्यापार किया जा रहा था. बरामद टैगों के माध्यम से अब उन स्रोतों का पता लगाया जा रहा है, जहां से इन पशुओं को लाया गया था.

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झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई

प्रशासन ने इस संगीन मामले को गंभीरता से लेते हुए पशुपालन विभाग और नगर परिषद को कड़े निर्देश जारी किए हैं. एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि संबंधित भू-स्वामियों और बूचड़खाना संचालकों की पहचान कर उनके विरुद्ध ‘झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम, 2005’ की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए. प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि जांच की आंच उन सफेदपोशों तक भी पहुंचे, जो इस अवैध धंधे को संरक्षण प्रदान कर रहे थे.

अभियान की निरंतरता और सख्त चेतावनी

कार्रवाई के उपरांत अधिकारियों ने मीडिया को संबोधित करते हुए साफ कर दिया कि जिले में कानून के विरुद्ध चलने वाली ऐसी किसी भी गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एसडीएम संजय कुमार ने चेतावनी दी है कि अवैध बूचड़खानों और गोकशी के खिलाफ यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा. उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस प्रकार के अपराधों में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. इस कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य संदिग्ध इलाकों में भी हड़कंप मचा हुआ है.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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