JPSC Student Protest: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों से बुधवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा और आजसू के विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में करीब 15 मिनट तक चली बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों की मांगों को सुना और उन्हें हर स्तर पर समर्थन का भरोसा दिलाया. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भाजपा छात्रों की इस लड़ाई में सड़क से लेकर सदन तक उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी.
सीबीआई जांच और अधिकारियों की बर्खास्तगी की मांग
पत्रकारों से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच तभी संभव है, जब इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी सीबीआई से कराई जाए. उन्होंने सरकार से जेपीएससी और जेएसएससी के अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक को तत्काल पद से हटाने तथा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी की. मरांडी ने कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक युवाओं का भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा बहाल नहीं हो सकेगा.
'यह केवल पेपर लीक नहीं, नौकरियां बेचने का खेल'
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है. उनके अनुसार यह जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से नौकरियां बेचने का सुनियोजित खेल है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में आयोजित कई भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं.
उन्होंने दावा किया कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा, जेएसएससी-सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा सहित कई चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं बरती गई. उनके अनुसार अभ्यर्थियों को रांची, बिहार और नेपाल जैसे स्थानों पर ले जाकर प्रश्न और उत्तर रटवाए गए, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए.
कट-ऑफ छिपाने का लगाया आरोप
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि जेपीएससी ने परीक्षा का कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किया था. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की फटकार के बाद जब कट-ऑफ सूची जारी की गई, तब यह सामने आया कि अधिक अंक प्राप्त करने वाले कई अभ्यर्थियों का चयन नहीं हुआ, जबकि कम अंक पाने वाले उम्मीदवार सफल घोषित कर दिए गए. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठाने का काम किया है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है.
'भ्रष्ट लोग व्यवस्था को करेंगे खोखला'
मरांडी ने कहा कि यदि पैसे के दम पर सरकारी नौकरियां हासिल करने की प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगी, तो इसका असर आने वाले वर्षों तक दिखाई देगा. उन्होंने कहा कि जो लोग पैसे देकर सरकारी सेवाओं में पहुंचेंगे, वे अगले 30 वर्षों तक भ्रष्टाचार को बढ़ावा देंगे और पूरे प्रशासनिक तंत्र को कमजोर करेंगे. इसलिए इस परिपाटी को हर हाल में समाप्त करना जरूरी है.
सरकार की संवेदनशीलता पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के बीच छात्र कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी समस्याओं को समझने के बजाय नियमों का हवाला देकर उन्हें परेशान कर रहा है. उनका कहना था कि सरकार को छात्रों के साथ संवाद कर जल्द समाधान निकालना चाहिए.
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विधानसभा में उठेगा मामला
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद और छात्रों के आंदोलन का मुद्दा विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में सरकार से जवाब मांगेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेगी. इस अवसर पर विधायक सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, नीरा यादव, निर्मल महतो, अमर कुमार बाउरी सहित भाजपा और आजसू के कई वरिष्ठ नेता प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे.
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