रांची: दिगंबर जैन धर्म के दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन शनिवार को अपर बाजार स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर और वासुपूज्य जिनालय में उत्तम शौच धर्म की पूजा की गयी. श्री दिगंबर जैन मंदिर में सामूहिक पूजन के बाद शास्त्र वाचन और मंडल पूजन हुआ.
मुनि श्री नियोग सागर महाराज ने उत्तम शौच धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि शौच का अर्थ केवल शरीर की सफाई नहीं, बल्कि विचारों, भावनाओं और जीवनशैली की पवित्रता व निर्मलता भी है. उन्होंने कहा कि आज युवा पीढ़ी बाहरी सफलता और तकनीक की दौड़ में व्यस्त है. ऐसे समय में उत्तम शौच धर्म का सिद्धांत आंतरिक स्वच्छता और मानसिक संतुलन का मार्ग दिखाता है.
उन्होंने कहा कि भौतिक संसाधनों की दौड़ में इच्छाओं का कोई अंत नहीं है. जिस तरह समुद्र में अनेक नदियों का पानी मिलने के बाद भी वह तृप्त नहीं होता, उसी तरह इंसान दुनिया की पूरी दौलत हासिल करने के बाद भी संतुष्ट नहीं हो सकता. जीवन में वास्तविक सुख और शांति के लिए लोभ कषाय का त्याग कर संतोष को अपनाना जरूरी है. न्यायपूर्वक अर्जित धन में संतुष्ट रहने वाला व्यक्ति ही अपनी आत्मा को पावन बना सकता है.
पुष्पदंतनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाया गया
मीडिया प्रभारी राकेश काशलीवाल ने बताया कि दोनों मंदिरों में भगवान पुष्पदंतनाथ का मोक्ष कल्याणक भक्तिभाव से मनाया गया. इस दौरान भगवान को निर्वाण लाडू समर्पित किया गया. आगामी 25 सितंबर को दोनों मंदिरों में वासुपूज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक भी धूमधाम से मनाया जायेगा.
संध्या समय शास्त्र सभा के बाद जैन महिला जागृति की ओर से 'आपकी अदालत' कार्यक्रम का मंचन किया गया. इसमें समाज से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया.
भक्तों ने की शांतिधारा
श्री दिगंबर जैन मंदिर में संजय कुमार, अजय कुमार, अरविंद कुमार, रोहित कुमार बाकलीवाल परिवार, राजेश कुमार, कौशल कुमार और श्रेयांश कुमार बड़जात्या परिवार ने शांतिधारा की.
वासुपूज्य जिनालय में नंदलाल सुधीर कुमार, संदीप कुमार छाबड़ा परिवार और मूलचंद प्रेरक कुमार सोगानी परिवार ने शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया.
सामूहिक पूजन शांतिधारा में विनोद-स्नेहलता झांझरी परिवार, राजेंद्र कुमार, रजत कुमार, अनीता, ऐश्वर्या बाकलीवाल परिवार, रजनी देवी, रितेश, रियांश, हितार्थ लुहाड़िया, शिखरचंद, राजीव कुमार, प्रिंस कुमार और रुचिका गंगवाल परिवार शामिल रहे.
