आदिवासी महाजुटान रैली: बूटी मोड़ पर वाहन रोके तो 9 किमी पैदल चल पड़े लोग, रैली में दिखा उत्साह

रांची में आदिवासी महाजुटान के लिए लोगों का जोश देखने लायक था. बूटी मोड़ पर वाहन रोके जाने के बावजूद, हजारों लोग नौ किलोमीटर पैदल चलकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे. धूप और दूरी की परवाह किए बिना, बुजुर्गों से लेकर महिलाओं तक, सभी ने इस महाजुटान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.

रांची. आदिवासी महाजुटान में शामिल होने के लिए लोगों का उत्साह रविवार को देखने को मिला. खूंटी की ओर से आने वाले वाहनों को बूटी मोड़ पर ही रोक दिया गया. इसके बाद भी महाजुटान में शामिल होने के लिए लोगों के कदम नहीं रुके. महिला और पुरुष बूटी मोड़ से करीब नौ किलोमीटर पैदल चलकर मोरहाबादी पहुंच रहे हैं.

धूप में भी नहीं रुके कदम

बूटी मोड़ से मोरहाबादी तक सड़क पर बड़ी संख्या में लोग पैदल जाते दिखाई दिए. इनमें महिलाएं भी काफी संख्या में शामिल हैं. तेज धूप से बचने के लिए कई महिलाएं छाता लेकर पैदल चल रही हैं. लोगों का कहना है कि वाहन नहीं मिलने के बावजूद वे महाजुटान में शामिल होने के लिए मोरहाबादी पहुंच रहे हैं.

शहर के अलग-अलग हिस्सों से भी पहुंच रहे लोग

राजधानी के विभिन्न इलाकों से भी लोग बाइक और स्कूटी से मोरहाबादी पहुंच रहे हैं. सड़कों पर महाजुटान में शामिल होने जा रहे लोगों की आवाजाही बढ़ी हुई है. कई लोग अपने साथियों और परिवार के सदस्यों के साथ कार्यक्रम स्थल की ओर जाते दिखे.

बुजुर्ग भी पीछे नहीं

महाजुटान में शामिल होने को लेकर बुजुर्गों में भी उत्साह दिखा. दो बुजुर्ग स्कूटी से ही मोरहाबादी के लिए निकल पड़े. उनका कहना था कि कार्यक्रम में शामिल होना जरूरी है, इसलिए आने में परेशानी के बावजूद वे घर से निकले हैं.

बूटी मोड़ से मोरहाबादी तक दिखा अलग नजारा

वाहनों को बूटी मोड़ पर रोके जाने के बाद पैदल जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ गयी. करीब नौ किलोमीटर तक सड़क पर महिला-पुरुषों के समूह मोरहाबादी की ओर जाते नजर आए. इससे महाजुटान में लोगों की भागीदारी और उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता है.


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लेखक के बारे में

By राजीव पांडेय

राजीव पांडेय, चीफ रिपोर्टर, प्रभात खबर रांची. 15 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. प्रभात खबर में हेल्थ से संबंधित कई रिपोर्ट ब्रेक किया है, जिसको देश स्तर पर पहचान मिला.मुझे वर्ष 2023 में लाडली मीडिया से सम्मानित भी किया गया है. रीच संस्था से टीबी, एनसीडी और डायबिटीज पर फेलोशिप भी मिला है
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