रांची. वन विभाग में कई पद खाली पड़े हैं, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है. इस समस्या को दूर करने के लिए, प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने नौ वन क्षेत्र पदाधिकारियों और सहायक वन संरक्षकों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. यह आदेश 18 सितंबर 2026 को जारी किया गया. विभाग ने जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय पदाधिकारियों से मिली सलाह के बाद यह व्यवस्था की है.
आदेश के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को अपने मौजूदा काम के साथ-साथ अतिरिक्त वन प्रक्षेत्र और प्रमंडल का काम भी देखना होगा. इनमें पश्चिमी सिंहभूम, चतरा, पाकुड़, रामगढ़, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका और जामताड़ा जैसे कई वन प्रमंडल शामिल हैं.
जब सरकार किसी पद पर नए अधिकारी की नियुक्ति करेगी, तो यह अतिरिक्त प्रभार स्वतः समाप्त हो जाएगा. सरकार या प्रधान मुख्य वन संरक्षक जरूरत पड़ने पर इस व्यवस्था में बदलाव भी कर सकते हैं. संबंधित अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार का पालन करने के बाद उसकी जानकारी तुरंत देने को कहा गया है.
इन अधिकारियों को मिला अतिरिक्त प्रभार
जितेंद्र प्रसाद सिंह, वन क्षेत्र पदाधिकारी, नोवामुंडी वन प्रक्षेत्र : सोंगर वन प्रक्षेत्र, चक्रधरपुर सहित कोटगढ़, कुंडलीगुटू तथा शोध एवं मूल्यांकन प्रक्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार.
रामनन्दन राम, वन क्षेत्र पदाधिकारी, कोयना वन प्रक्षेत्र : बेरोन वन प्रक्षेत्र, आनंदपुर, गुदड़ी और सारंडा वन प्रमंडल के संबंधित प्रक्षेत्रों का प्रभार.
बबलू कुमार देहरी, वन क्षेत्र पदाधिकारी, पाकुड़ : अमड़ापाड़ा और हिरणपुर वन प्रक्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार.
देवेंद्र प्रसाद, वन क्षेत्र पदाधिकारी, कुजू : सामाजिक वानिकी प्रक्षेत्र, विष्णुगढ़ और पेटरवार का प्रभार.
सुरेश राम, सहायक वन संरक्षक : दारू वन प्रक्षेत्र और हंटरगंज वन प्रक्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार.
अनिल कुमार, सहायक वन संरक्षक : चास वन प्रक्षेत्र और बोकारो वन प्रमंडल का प्रभार.
कुमारी मित्ती कुमारी, सहायक वन संरक्षक : देवघर प्रादेशिक प्रक्षेत्र तथा सामाजिक वानिकी प्रक्षेत्र, मधुपुर व सारठ का अतिरिक्त प्रभार.
लेखर राम रवि, वन क्षेत्र पदाधिकारी, दुमका : हिजला पूर्वी वन प्रक्षेत्र का प्रभार.
मृत्युंजय कुमार, वन क्षेत्र पदाधिकारी, जामताड़ा : सामाजिक वानिकी प्रक्षेत्र, शिकारीपाड़ा तथा दुमका का अतिरिक्त प्रभार.
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