एनएसजी के दावों को गृह मंत्रालय ने किया खारिज

गृह मंत्रालय की दलीलदोनों संगठनों है बर्चस्व की लड़ाई, इसलिए साझा हमले नहीं कर सकतेएनएसजी के पास खुफिया जानकारी देने का अधिकार नहीं एजेंसियां, नयी दिल्लीएनएसजी प्रमुख जयंत चौधरी ने गुरुवार को आइएसआइएस और अलकायदा के साझा आतंकी प्लान को लेकर जो खुलासा किया था, उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने खारिज कर दिया है. गृह […]

गृह मंत्रालय की दलीलदोनों संगठनों है बर्चस्व की लड़ाई, इसलिए साझा हमले नहीं कर सकतेएनएसजी के पास खुफिया जानकारी देने का अधिकार नहीं एजेंसियां, नयी दिल्लीएनएसजी प्रमुख जयंत चौधरी ने गुरुवार को आइएसआइएस और अलकायदा के साझा आतंकी प्लान को लेकर जो खुलासा किया था, उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने खारिज कर दिया है. गृह मंत्रालय का कहना है कि उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है. यह खबर एक अंग्रेजी अखबार ने दी है. गृह मंत्रालय ने एनएसजी चीफ के दावों को खारिज करने के लिए दो दलील दी है. पहला यह कि आइएसआइएस और अलकायदा के बीच आतंकवाद का आका बनने की लड़ाई चल रही है. तभी तो आइएसआइएस की बढ़ती लोकप्रियता को मात देने के लिए अलकायदा ने भारतीय उपमहाद्वीप में अपने पांव पसारने का दावा किया था. संगठन के मुखिया अल जवाहिरी ने इस संबंध में एक वीडियो भी जारी किया था. ऐसे में दोनों के साथ आने पर सवालिया निशान है. गृह मंत्रालय को एतराज इस बात को लेकर भी है कि आतंकवाद से जुड़ी खुफिया जानकारी देने का अधिकार एनएसजी चीफ के पास नहीं है. इस एजेंसी की भूमिका किसी हमले के बाद आती है. उसे कोई खुफिया जानकारी भी नहीं दी जाती.एनएसजी का दावाजयंत चौधरी ने दावा किया था, अलकायदा और आइएसआइएस देश के कई शहरों में हमला करने का साझा प्लान बना रहे हैं. अलकायदा भारत में आतंकी हमले करना चाहता है. ऐसे में वह अन्य आतंकी संगठन जैसे लश्करे तैयबा, आइएसआइएस और इंडियन मुजाहिद्दीन की मदद भी ले सकता है. अगर वह ऐसे ऑपरेशन को अंजाम देता है तो हमें कई शहरों में एक ही वक्त पर होनेवाले आतंकी हमले के लिए तैयार रहना चाहिए.

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