खलारी से कुजू तक था दबदबा

वरीय संवाददाता, रांचीकुजू से खलारी के बीच कोल साइडिंग पर रैंक लोडिंग और ट्रांसपोर्टिंग के काम पर किशोर पांडेय गिरोह का दबदबा था. उसके इशारे पर ही यह तय होता था कि कौन कोयला व्यापारी कोयला का उठाव करेगा. कौन ट्रांसपोर्टिंग का काम करेगा और कौन रैक लोडिंग करायेगा. हालांकि हाल में सुशील श्रीवास्तव ने […]

वरीय संवाददाता, रांचीकुजू से खलारी के बीच कोल साइडिंग पर रैंक लोडिंग और ट्रांसपोर्टिंग के काम पर किशोर पांडेय गिरोह का दबदबा था. उसके इशारे पर ही यह तय होता था कि कौन कोयला व्यापारी कोयला का उठाव करेगा. कौन ट्रांसपोर्टिंग का काम करेगा और कौन रैक लोडिंग करायेगा. हालांकि हाल में सुशील श्रीवास्तव ने किशोर पांडेय के साम्राज्य में घुसपैठ करने की कोशिशें तेज कर दी थी. पतरातू, भुरकुंडा, कुजू, खलारी इलाके के कोयला कारोबारियों से उसके लोग भी रंगदारी वसूलने लगा है. इसी कारण दोनों गिरोह के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरु हो गयी थी. उल्लेखनीय है कि किशोर पांडेय की पत्नी निशी सिंह ने भी जमशेदपुर के कदमा थाना में सुशील श्रीवास्तव उसके गिरोह के अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. पहले भोला पांडेय का दबदबा था : रैक व ट्रांसपोर्टिंग के काम पर पहले भोला पांडेय का दबदबा था. उस वक्त किशोर पांडेय जेल में बंद था. अक्तूबर 2010 में दुमका जेल से रांची लाये जाने के क्रम में अपराधी अमरेंद्र तिवारी ने भोला पांडेय की हत्या कर दी थी. जिसके बाद किशोर पांडेय गिरोह का प्रमुख बना. भोला पांडेय की हत्या के बाद किशोर पांडेय कोलकाता में रह कर पतरातू और उसके आसपास के इलाकों में अपने शागीदार्ें के माध्यम से काम करता रहा. कोलकाता में गिरफ्तार होने और फिर जेल से निकलने के बाद तब उसने अपने वर्चस्व को बढ़ाना शुरू कर दिया. कुछ ताकतवर लोगों के साथ मिल कर वह कुजू से लेकर खलारी तक के रैक लोडिंग के काम से गुंडा टैक्स वसूलने लगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >