रांची : मॉब लिंचिंग को उचित ठहराना गलत : देसाई

रांची : पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) का दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन रविवार को संपन्न हुआ. कार्यक्रम में मुंबई हाइकोर्ट के अधिवक्ता मिहिर देसाई ने कहा कि मॉब लिंचिंग समूह की घटना है. इसको उचित ठहराना गलत है. लोकतंत्र में इस तरह की चीजों को छूट नहीं मिलनी चाहिए. प्रेस क्लब में आयोजित इस […]

रांची : पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) का दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन रविवार को संपन्न हुआ. कार्यक्रम में मुंबई हाइकोर्ट के अधिवक्ता मिहिर देसाई ने कहा कि मॉब लिंचिंग समूह की घटना है. इसको उचित ठहराना गलत है.
लोकतंत्र में इस तरह की चीजों को छूट नहीं मिलनी चाहिए. प्रेस क्लब में आयोजित इस सम्मेलन में श्री देसाई ने कहा कि आज पुराने कानूनों का नये तरह से इस्तेमाल हो रहा है. मानवाधिकार पर काम करने वालों पर हमले हो रहे हैं. 2012 से अब तक पूरे देश में करीब 22-23 जर्नलिस्ट मारे गये हैं. मीडिया की स्वतंत्रता पर हमले हो रहे हैं. लोकतंत्र पर हमला हो रहा है.
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी की निंदा की गयी : खूंटी में पत्थलगड़ी के मुद्दे को लेकर राज्य के 20 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर की गयी प्राथमिकी की निंदा की गयी.
लोकतंत्र की रक्षा में लगे लोगों पर होने वाली कार्रवाई की भी निंदा की गयी. बताया गया कि झारखंड में राइट टू फूड के काम में लगी संस्था ने दिसंबर 2016 से लेकर अब तक 16 लोगों की मौत भूख से होने की बात कही है. यह काफी दुखद है.
सरकार से हर घर तक राशन पहुंचाने की बात कही गयी. पांचवीं अनुसूची वाले जिलों में पेसा कानून लागू करने की मांग की गयी. राजनीतिक पार्टियों को भी आरटीआइ के दायरे में लाने की मांग की गयी. मौके पर पीयूसीएल के अध्यक्ष अशोक झा, जमशेदपुर के एसआर नाग आदि मौजूद थे.

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