रांची : वन्य प्राणी अपराध में कार्रवाई का अधिकार अधिकारियों में बंटा

रांची : वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) ने वन्य प्राणियों के साथ होनेवाले अपराधों पर कार्रवाई का जिम्मा विभिन्न अधिकारियों को दिया है. पीसीसीएफ ने ऑफिस आॅर्डर से इसको अधिसूचित किया है. इसके तहत शिडूयल दो से चार तक आनेवाले जानवरों के साथ होने वाले अपराध को देखने की जिम्मेदारी सीसीएफ […]

रांची : वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) ने वन्य प्राणियों के साथ होनेवाले अपराधों पर कार्रवाई का जिम्मा विभिन्न अधिकारियों को दिया है. पीसीसीएफ ने ऑफिस आॅर्डर से इसको अधिसूचित किया है.
इसके तहत शिडूयल दो से चार तक आनेवाले जानवरों के साथ होने वाले अपराध को देखने की जिम्मेदारी सीसीएफ की होगी. शिडूअल छह में सूचीबद्ध पौधों की खेती की अनुमति सीसीएफ, सीएफ, डीसीएफ और डीएफओ दे सकेंगे.
किसी भी शिडूयल-6 में सूचीबद्ध लकड़ियों के व्यावसायिक परिवहन की जिम्मेदारी सीसीएफ, सीएफ, डीसीएफ और डीएफओ स्तर के अधिकारी दे सकेंगे. इसी स्तर के अधिकारी शिडूयल छह में सूचीबद्ध लकड़ियों के स्टॉक को रखने की अनुमति दे सकेंगे. किसी भी सेंचुरी परिसर के आसपास रहने की अनुमति भी इन्हीं स्तर के अधिकारियों से मिल पायेगी.
जबकि किसी भी वन्य प्राणी की मौत पर उसकी बॉडी लेने की जिम्मेदारी सीसीएफ, सीएफ, डीसीएफ, डीएफओ, एसीएफ, रेंजर, फॉरेस्टर और फॉरेस्ट गार्ड की होगी. इसके अलावा वन्य प्राणी पर अध्ययन, फोटोग्राफी, खोज, अनुसंधान आदि कार्य की अनुमति सीसीएफ, सीएफ, डीसीएफ और डीएफओ स्तर के अधिकारी ही दे सकेंगे. इसके अतिरिक्त कई अधिकारी वन्य प्राणी मामलों से संबंधित कार्यों को देखेंगे.

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