रांची : झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में बहुत जल्द सुधार देखने को मिलेगा. राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए नीति आयोग ने झारखंड सरकार को अपना पार्टनर चुना है. झारखंड के साथ-साथ मध्यप्रदेश और ओड़िशा को भी आयोग ने अपने कार्यक्रम में शामिल किया है. इसी तरह उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक को स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिए चुना गया है.
नीति आयोग ने अपनी पहल मानव पूंजी रूपांतरण के लिए भेरोसेमंद कदम (सस्टेनेबल एक्शन फॉर ट्रांसफाॅर्मिंग ह्यूमन कैपिटल-साथ) के तहत उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक को छांटा है. इस पहल का मकसद इन राज्यों के स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूल-चूल बदलाव लाना है.
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आयोग ने अपनी ‘साथ’ पहल के तहत के शिक्षा में बदलाव के लिए मध्यप्रदेश, झारखंड और ओड़िशाको भी चुना है. नीति आयोग ने ट्विटर पर लिखा है, ‘साथ के तहत प्रतिस्पर्धी संघवाद के जरिये देश में शिक्षा की गुणवत्ता में आमूल-चूल बदलाव के लिए मध्यप्रदेश, झाारखंड और ओड़िशा को चुना गया है.’
उसने कहा, ‘कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद नीति ने स्वास्थ्य में तीन साल में आमूल-चूल बदलाव के लिए उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक को चुना है.’ आयोग ने ‘साथ’ पहल में भाग लेने के लिए सभी राज्यों को आमंत्रित किया था.
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कुल 16 राज्यों ने इसमें रुचि दिखायी. इसमें से 14 ने आयोग के सदस्य बिबेक देबराॅय की अध्यक्षतावाली समिति के समक्ष अपनी बातें रखीं. समिति में आयोग के सीइओ अमिताभ कांत के साथ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रतिनिधि थे.
