उरीमारी: सयाल और बिरसा परियोजना में धूमधाम से हुई विश्वकर्मा पूजा, सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर

आंधी-तूफान से उरीमारी का विश्वकर्मा पूजा पंडाल गिरा, पर कर्मियों की मेहनत से समय पर हुई पूजा संपन्न. सुरक्षा पर जोर.

उरीमारी से सुरेंद्र प्रसाद की रिपोर्ट

उरीमारी(रामगढ़). गुरुवार को बरका-सयाल क्षेत्र की उरीमारी, बिरसा व सयाल परियोजनाओं में धूमधाम से विश्वकर्मा पूजा मनाई गई. इस दौरान परियोजना के वर्कशॉप, मशीनरी स्थल व अन्य स्थानों पर आकर्षक पंडाल सजाये गये. अधिकारियों, कर्मचारियों व श्रमिकों ने भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा मशीनों के सुरक्षित संचालन की कामना की.

महाप्रबंधक और श्रमिक नेताओं ने संयुक्त रूप से किया पूजा का उद्घाटन

उरीमारी परियोजना में आयोजित विश्वकर्मा पूजा समारोह का उद्घाटन बरका-सयाल के महाप्रबंधक रंजय सिन्हा, एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार, उरीमारी परियोजना पदाधिकारी अनिल सिंह सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के नेताओं ने मिलकर किया. पूजा को लेकर परियोजना परिसर में दिनभर चहल-पहल रही. बड़ी संख्या में कर्मियों व स्थानीय लोगों ने पूजा स्थल पहुंचकर भगवान विश्वकर्मा का दर्शन किया.

सुरक्षा को सबसे बड़ा महत्व, महाप्रबंधक ने दिया ज़ोर

मौके पर महाप्रबंधक रंजय सिन्हा ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को निर्माण व तकनीकी कामों का देवता माना जाता है. सीसीएल की परियोजनाओं में मशीनों व तकनीकी उपकरणों का हमारे काम में बहुत महत्व है. ऐसे में विश्वकर्मा पूजा हमारे लिए खास है.

उन्होंने कहा कि सभी लोग सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए अपना काम पूरी लगन और जिम्मेदारी से करें. उन्होंने परियोजना की तरक्की व उत्पादन के साथ कर्मियों की सुरक्षा को सबसे बड़ा महत्व देने की बात कही.

एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा मेहनतकश मजदूरों व तकनीकी कर्मियों के लिए आस्था का एक खास पर्व है. मशीनों व औजारों के साथ काम करने वाले कर्मी भगवान विश्वकर्मा की पूजा कर सुरक्षित और बेहतर काम की कामना करते हैं. उन्होंने कहा कि उत्पादन के साथ श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान व सुविधाओं का ध्यान रखना भी जरूरी है.

आंधी-तूफान के बाद दोबारा तैयार किया गया पंडाल

तेज आंधी-तूफान के कारण पंडाल गिरने से चिंता का माहौल बन गया था, लेकिन परियोजना के कर्मठ कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और दिन-रात की मेहनत से पंडाल को फिर से खड़ा कर दिया. उनकी लगन और टीम वर्क के कारण ही तय समय पर पूजा संपन्न हो सकी.

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सयाल और बिरसा परियोजना में भी हुई पूजा-अर्चना

इधर, सयाल परियोजना के वर्कशॉप में भी भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की गयी. कर्मियों ने मशीनों व औजारों की पूजा कर सुरक्षित काम और परियोजना की उन्नति की कामना की.

वहीं बिरसा परियोजना में कोयला डिपो के पास विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया गया. यहां भी कर्मियों व अधिकारियों ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की तथा प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन किया गया.

दामोदर नदी में प्रतिमा विसर्जन के साथ हुआ समापन

तीनों परियोजनाओं में कर्मियों ने नाचते-गाते हुए भगवान विश्वकर्मा पूजा की विदाई दी और दामोदर नदी में प्रतिमा प्रवाहित कर पूजा का समापन किया.

फोटो : विसर्जन करते सीसीएल कर्मी | Prabhat Khabar Network

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By Prabhat khabar news desk

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