जंगली हाथियों का आतंक, डुमरडीह गांव में धान की फसल रौंदी, ग्रामीणों में दहशत

गोला प्रखंड के डुमरडीह गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने भारी तबाही मचाई है. फसलों को नुकसान होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, वन विभाग से मदद की मांग.

गोला (रामगढ़): गोला प्रखंड क्षेत्र में पिछले करीब एक माह से जंगली हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है. शाम होते ही हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर गांवों और खेतों की ओर पहुंच रहा है. इससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है. शनिवार की शाम जंगली हाथियों का झुंड डुमरडीह गांव पहुंच गया. हाथियों ने गांव के आसपास स्थित धान के खेतों में घुसकर फसल को रौंद दिया, जिससे किसानों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ.

हाथियों के गांव में पहुंचते ही मची अफरा-तफरी

शनिवार शाम अचानक हाथियों का झुंड गांव में पहुंचने से ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी और सुरक्षा की गुहार लगाई. ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कई सप्ताह से हाथियों का झुंड गोला प्रखंड के अलग-अलग गांवों में पहुंचकर धान, मकई और अन्य फसलों को बर्बाद कर रहा है.

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मकान और कृषि सामग्री को भी पहुंचा चुके हैं नुकसान

ग्रामीणों ने बताया कि कई स्थानों पर हाथियों द्वारा मकान, बाड़ और कृषि सामग्री को क्षतिग्रस्त किये जाने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं. कोरांबे सहित आसपास के क्षेत्रों में भी हाथियों ने खेतों में लगी मकई और अन्य फसलों को रौंदकर नष्ट कर दिया है. लगातार हो रहे फसल नुकसान से किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है.

स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है. इससे ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है. ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, हाथियों को गांवों से दूर रखने के लिए प्रभावी उपाय करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का आकलन कर किसानों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की गई है.

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लेखक के बारे में

By Raj Kumar

राज कुमार पिछले 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं. राजनीति, सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ जनसरोकारों, स्थानीय मुद्दों और क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं पर समाचार संकलन में उनकी विशेष रुचि रही है. ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाना उनकी पत्रकारिता की खास पहचान है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी रिपोर्टिंग के माध्यम से वे क्षेत्र की वास्तविक तस्वीर को पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं.

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