गोला से राजकुमार की रिपोर्ट गोला. बरकाकाना-मुरी रेलखंड के कमता बरवाटांड स्थित पोल संख्या 385 के समीप रविवार को ट्रेन की चपेट में आने से हुप्पू निवासी सिकंदर कुमार महतो उर्फ छाया की मौत हो गयी थी. हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मृतक अपने पीछे पत्नी सरीता देवी, एक बेटा और दो बेटियां छोड़ गया है. परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय बतायी जा रही है.
परिवार के भरण-पोषण का मुख्य सहारा था सिकंदर
सिकंदर ही परिवार के भरण-पोषण का मुख्य सहारा था. उसकी मौत के बाद पत्नी और तीन बच्चों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. परिजनों के अनुसार वह चालक का काम कर परिवार चलाता था. घटना के बाद घर में मातम पसरा है. ये भी पढ़ें: हजारीबाग में सफाई व्यवस्था की खुली पोल, कहीं कचरे का ढेर तो कहीं महीनों से उलटा पड़ा डस्टबिन
ट्रेन की चपेट में आने से हुई मौत
घटना की सूचना मिलते ही गोला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. बताया गया कि शनिवार रात किसी बात को लेकर सिकंदर का पत्नी से विवाद हुआ था, जिसके बाद वह घर से निकल गया था. रविवार सुबह परिजनों को उसके ट्रेन की चपेट में आने की जानकारी मिली. थाना प्रभारी अभिषेक कुमार ने बताया कि ट्रेन के धक्के से सिकंदर के सिर के पीछे गंभीर चोट लगी थी.
पीड़ित परिवार को मुआवजा व आर्थिक सहायता की मांग
हुप्पू पंचायत के मुखिया प्यारेलाल महतो, पूर्व मुखिया आनंद महतो, पंचायत समिति सदस्य सिकंदर शर्मा, उप मुखिया किशोर कुमार महतो सहित ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा एवं आर्थिक सहायता देने की मांग की है, ताकि बच्चों की परवरिश और परिवार का जीवन-यापन हो सके.
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