भुरकुंडा. सीसीएल बरका-सयाल क्षेत्र के रिवरसाइड इलाके में जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. पतरातू डैम पानी से लबालब है, लेकिन कॉलोनियों में नल सूखे पड़े हैं. पिछले तीन-चार माह से लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं. बिजली, मोटर पंप और जर्जर पाइपलाइन में खराबी के कारण पतरातू वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है.
पंपों के बार-बार खराब होने से कई दिनों तक जलापूर्ति बाधित
रिवरसाइड की इमलीगाछ, चीफ हाउस, दोतल्ला, जवाहरनगर, पटेलनगर सहित पंचायत क्षेत्र की दर्जनों कॉलोनियां पतरातू प्लांट की जलापूर्ति पर निर्भर हैं. वहीं ऑफिसर कॉलोनी, स्टाफ कॉलोनी और बुधबाजार क्षेत्र में सप्लाई सेंटर से पानी दिया जाता है. स्थानीय लोगों के अनुसार पतरातू में बिजली की आंख-मिचौली और पुराने पंपों के बार-बार खराब होने से कई-कई दिनों तक जलापूर्ति बाधित रहती है.
एक पंप के भरोसे छह क्षेत्र
जलसंकट की बड़ी वजह तीन नंबर पोखरिया की जलापूर्ति व्यवस्था को बताया जा रहा है. यहां फिलहाल एक ही मोटर पंप के सहारे भुरकुंडा, जवाहरनगर, पटेलनगर, नीचे धौड़ा, रिवरसाइड और सेंट्रल कॉलोनी सहित छह क्षेत्रों में पानी पहुंचाया जा रहा है. एक पंप पर छह क्षेत्रों का भार होने के कारण पर्याप्त प्रेशर नहीं बन पाता. इससे लोगों को सप्ताह में एक-दो दिन ही पानी मिल पा रहा है और वह भी करीब आधे घंटे तक.
डैम में पानी, फिर भी दूर से ढो रहे पानी
बुधबाजार, दुदुवा, शिवनगर और बीटीटीआई कॉलोनी में पिछले कई महीनों से पतरातू डैम का पानी नहीं पहुंचने की बात सामने आ रही है. बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, इसके बावजूद लोग पानी के लिए चापानल और दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर हैं. कई लोगों को टैंकर और जार का पानी खरीदना पड़ रहा है.
एक सप्ताह में सुधार नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन के नरेश मंडल ने आरोप लगाया कि सीसीएल बरका-सयाल क्षेत्र के रिवरसाइड इलाके में असैनिक विभाग की लापरवाही के कारण पेयजल संकट गहरा गया है. उन्होंने कहा कि पिछले चार माह से जलापूर्ति व्यवस्था चरमराई हुई है और हजारों लोग परेशान हैं.
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सुधार नहीं हुआ तो सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन
उन्होंने कहा कि पतरातू वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली, मोटर पंप और पाइपलाइन की समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं. वहीं तीन नंबर पोखरिया में तीन पंपों की जगह एक पंप से छह क्षेत्रों में जलापूर्ति की जा रही है. इससे सप्ताह में एक-दो दिन ही पानी मिल पा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा.
नियमित जलापूर्ति नहीं हुई तो ट्रांसपोर्टिंग रोकने की चेतावनी
रिवरसाइड पंचायत में पेयजल संकट को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. चीफ हाउस पंचायत के मुखिया विकास पांडेय ने सीसीएल बरका-सयाल प्रबंधन को पत्र देकर एक सप्ताह के अंदर नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है. उन्होंने ऐसा नहीं होने पर ट्रांसपोर्टिंग ठप करने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी सीसीएल प्रबंधन की होगी.
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12 सितंबर को वेलफेयर टीम ने किया था निरीक्षण
सीसीएल बरका-सयाल क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यालय की वेलफेयर टीम ने 12 सितंबर को क्षेत्र का निरीक्षण किया था. टीम ने फिल्टर प्लांट, कॉलोनियों और अन्य क्षेत्रों का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान जलापूर्ति की समस्या प्रमुख रूप से सामने आयी. बताया गया कि वेलफेयर टीम ने पतरातू वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में गंदगी और अव्यवस्था देखकर नाराजगी जतायी थी. सीसीएल प्रबंधन ने टीम को सभी समस्याओं का समाधान करने का भरोसा दिया था, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक जलापूर्ति व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है.
