रामगढ़ से भागीरथ महतो की रिपोर्ट
Ramgarh News: झारखंड के रामगढ़ शहर से सटे चेटर गांव में गर्मी के दिनों में पानी की समस्या गंभीर रूप ले लेती है. करीब दो हजार की आबादी वाला यह गांव सालों से पेयजल संकट झेल रहा है. गर्मी बढ़ने के साथ ही कुएं सूखने लगते हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ता है.
जलमीनार बना, लेकिन नहीं मिल रहा लाभ
गांव में साल 2013 में पेयजल स्वच्छता विभाग द्वारा जलमीनार का निर्माण कराया गया था. शुरुआत में कुछ महीने तक जलापूर्ति हुई, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह बंद हो गया. वर्तमान में जलमीनार बेकार पड़ा है और ग्रामीणों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है.
सीमित क्षेत्रों तक ही पानी टंकी की आपूर्ति
गांव के बीच एक छोटी पानी टंकी है, लेकिन उससे केवल कुछ मुहल्लों में ही पानी पहुंच पाता है. पूरे गांव की जरूरत पूरी नहीं हो पाती, जिससे अधिकतर लोग कुएं और चापानल पर निर्भर हैं. समाजसेवी विजेंद्र महतो ने बताया कि एक दशक पहले बना जलमीनार कुछ ही महीनों में बंद हो गया. रखरखाव और मरम्मत के अभाव में ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.
ग्रामीणों की समस्याएं और शिकायतें
इस मुद्दे पर ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याओं के बारे में बताया. मोतीलाल ने कहा कि गांव के कई क्षेत्रों में पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है. प्रशासन द्वारा गांव को गोद लेने की बात कही गई थी, लेकिन वह भी पूरी नहीं हो सकी. रामटहल ओहदार ने बताया कि पाइपलाइन होने के बावजूद जलापूर्ति नहीं हो रही है. किसान परिवारों को खेती के लिए पानी नहीं मिल पा रहा, जिससे जीविकोपार्जन प्रभावित हो रहा है. प्रीतिश ओहदार ने बताया कि नहाने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी कुएं पर निर्भर रहना पड़ता है. इससे युवाओं का समय भी बर्बाद होता है और पढ़ाई प्रभावित होती है. किसान हीरालाल ने बताया कि गांव में पानी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है. चापानल भी अब जवाब देने लगे हैं और कुओं की स्थिति भी खराब होती जा रही है. उन्होंने कहा कि जलमीनार जर्जर अवस्था में है, जिससे न केवल लोगों को बल्कि जानवरों को भी पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है. सुखदेव महतो ने बताया कि जलमीनार का संचालन कुछ महीनों तक हुआ, लेकिन मोटर का तार चोरी हो गया. इसकी शिकायत विभाग को दी गई, पर अब तक कोई समाधान नहीं हुआ.
यह भी पढ़ें: गढ़वा: तेज गर्मी में भी महक रहे गेंदे के फूल, सासाराम तक सप्लाई कर किसान बना मिसाल
यह भी पढ़ें: गढ़वा में पीने के पानी का गलत इस्तेमाल करने वालों की अब खैर नहीं, डीडीसी ने दिया कार्रवाई का निर्देश
