Ramgarh News: कुएं में गिरे दो हाथी, उमड़ी ग्रामीणों की भीड़, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Ramgarh News: जिले के गोला वन क्षेत्र के परसाडीह जंगल में आज गुरुवार की सुबह एक कुएं में दो हाथी गिर गए. घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ गयी है. वन विभाग की टीम हाथियों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है.

Ramgarh News | गोला, राजकुमार: गोला वन क्षेत्र के परसाडीह जंगल में आज गुरुवार की सुबह एक बड़ी घटना घटी. यहां हाथी और उसका बच्चा दोनों अचानक एक कुएं में गिर पड़े. घटना की खबर जंगल से गांव तक फैलते ही आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग मौके पर उमड़ पड़े. घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गयी है. वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मां और बच्चा दोनों जिंदा और सुरक्षित हैं. उन्हें सकुशल बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है. जेसीबी मशीन और अन्य उपकरणों की मदद से रेस्क्यू की योजना बनायी जा रही है. विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों से दूरी बनाए रखें, भीड़ न लगाएं और रेस्क्यू कार्य में सहयोग करें.

हाथी देखने के लिए उमड़ी ग्रामीणों की भीड़

कुएं के चारों ओर घनी झाड़ियां

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के दीनाराम मांझी की जमीन पर मनरेगा योजना के तहत लगभग 25 फीट गहरा कुआं खोदा गया है. कुएं के चारों ओर घनी झाड़ियां फैली हुई है. ऐसे में यह संभावना है कि जंगल से गुजरते वक्त हाथियों को कुएं का अंदाजा नहीं हो पाया और मां-बच्चा दोनों सीधे कुएं में गिर पड़े. सौभाग्य से कुएं में पानी कम था, जिससे दोनों की जान बच गयी. हालांकि हाथी और उसका बच्चा कुएं की गहराई में फंसे हुए हैं और खुद बाहर निकल पाने में असमर्थ हैं.

झारखंड की ताजा खबरें यहां पढ़ें

खतरनाक साबित हो सकता है यह कुआं

ग्रामीणों का कहना है कि यह कुआं खुले में है और इसके चारों ओर कोई सुरक्षा घेरा नहीं है. झाड़ियों से ढके होने के कारण कुआं आसानी से नजर नहीं आता. ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि जंगल किनारे खोदे गए सभी कुओं को सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो.

इलाके में है 42 हाथियों का दल

गौरतलब है कि गोला वन क्षेत्र इन दिनों हाथियों की मौजूदगी को लेकर सुर्खियों में है. पिछले दिनों हेंसापोड़ा जंगल में हाथियों के झुंड में तीन बच्चों का जन्म हुआ था. इस समय लगभग 42 हाथियों का दल इस इलाके में विचरण कर रहा है. लगातार जंगल और गांवों के आसपास हाथियों की आवाजाही बनी रहती है. इससे ग्रामीणों में दहशत और उत्सुकता दोनों बनी रहती है.

इसे भी पढ़ें

देवघर AIIMS के डॉक्टरों का कमाल, 15 मिनट में निकाला बच्चे के गले में फंसा 10 रुपये का सिक्का

Jharkhand Weather: रांची में हुई झमाझम बारिश, आज कई इलाकों में भारी बारिश के आसार

कैबिनेट का फैसला : एमजीएम का एक हिस्सा ढहने से हुई थी 4 लोगों की मौत, मिलेगा 5-5 लाख रुपए मुआवजा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Dipali Kumari

नमस्कार! मैं दीपाली कुमारी, एक समर्पित पत्रकार हूं और पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं, जहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पूर्व दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी कार्य करने का अनुभव है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >