पतरातू डैम में बोटिंग पर लगी रोक, अब बिना शपथ पत्र के नहीं चलेगी नाव

Ramgarh News: झारखंड के रामगढ़ जिला स्थित पतरातू डैम में बिना शपथ पत्र अब बोटिंग की अनुमति नहीं होगी. पतरातू डैम में प्रशासन ने सुरक्षा नियम सख्त किए हैं. प्रशासन की ओर से यह कदम मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे के बाद उठाया गया है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट

Ramgarh News: झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पतरातू डैम में अब बोटिंग को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. बिना शपथ पत्र के अब किसी भी नाव को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह फैसला हाल ही में मध्य प्रदेश के नर्मदा नदी पर बरगा डैम पर हुए क्रूज हादसे के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

बरगी डैम हादसे के बाद बढ़ी सतर्कता

मध्य प्रदेश के बरगी डैम में 30 अप्रैल को हुई क्रूज दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया. इस घटना के बाद जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता बढ़ गई है. इसी कड़ी में पतरातू डैम प्रशासन ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए बोटिंग गतिविधियों की समीक्षा शुरू की और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया.

समीक्षा बैठक में दिए गए कड़े निर्देश

रामगढ़ के अनुमंडल पदाधिकारी अनुराग तिवारी ने पतरातू लेक रिसॉर्ट में नाव संचालकों और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में बोटिंग व्यवस्था, सुरक्षा संसाधनों और संचालन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई. अधिकारियों ने साफ कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी.

शपथ पत्र अनिवार्य, तभी चलेगी नाव

प्रशासन ने सभी नाव संचालकों और समितियों को निर्देश दिया है कि वे एक शपथ पत्र जमा करें. इस शपथ पत्र में यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई जाएगी. नाव की क्षमता से अधिक सवारी नहीं ली जाएगी. प्रशिक्षित नाविक ही नाव चलाएंगे और आपातकालीन व्यवस्था हर समय मौजूद रहेगी. जब तक यह शपथ पत्र जमा नहीं किया जाता, तब तक बोटिंग गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगा दी गई है.

नावों का निरीक्षण और खामियों पर निर्देश

बैठक के बाद अंचलाधिकारी मनोज कुमार चौरसिया ने विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया. उन्होंने पारंपरिक नावों और स्पीड बोट की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा उपकरणों और संचालन व्यवस्था की जांच की. कई जगहों पर खामियां पाई गईं, जिन पर तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए. अधिकारियों ने कहा कि सभी नावों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही संचालित किया जाएगा.

नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में नियमित जांच अभियान चलाया जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना और जुर्माना लगाना शामिल है. इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो.

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पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम

पतरातू डैम में हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. ऐसे में प्रशासन का यह निर्णय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. हालांकि, बोटिंग पर अस्थायी रोक से कुछ असुविधा जरूर होगी, लेकिन स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने इस कदम का समर्थन किया है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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