कुमार आलोक की रिपोर्ट भुरकुंडा पतरातू प्रखंड क्षेत्र में बई दर्शनीय स्थल और पिकनिक स्पॉट है. यहां सालों भर लोगों का आना-जाना लगे रहता है. इन जगहों पर कई खतरनाक प्वाइंट भी हैं. वहां थोड़ी सी चूक भी लोगों की महंगी पड़ सकती है, इन जगहों पर हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. इन जगहों पर सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि पूर्व में हादसे हो चुके हैं. इन जगहों पर पतरातू डैम और नलकारी नदी का इलाका शामिल है.
स्नान करने और मछली मारने के लिए जाते हैं लोग
यहां लोग स्नान करने और मछली मारने के लिए जाते हैं. पिकनिक मनाने वाले लोग सुरक्षित स्थान के बदले ज्यादा रोमांच के लिए वैसे स्थान पर डेरा डालते हैं, जो असुरक्षित है. उनकी बाइक और चारपहिया भी यही खड़े शहते हैं. इन जगहों के लगभग सभी सेल्फी प्वाइंट असुरक्षित है. लोग पतरातु-पिठोरिया घाटी, पतरातु हैम, लेक रिसॉर्ट, हरिहरपुर नलकारी नदी, फ्लानी झरना के अलावा डैम के स्पिलवे के पास पहुंच कर फोटो खिंचवाते हैं. इस दौरान अति उत्साहित पर्यटक सुरक्षा को नजरअंदाज कर असुरक्षित ढंग से सेल्फी लेते रहते हैं. खतरनाक स्थलों को कहीं-कहीं तो चिह्नित कर दिया गया है, लेकिन अधिकतर जगहों पर चेतावनी से संबंधित कोई सूचना की पोस्टर नहीं लगायी गयी है.
डैम किनारे प्रशासन ने तार का बाड़ लगाया है
पतरातू डैम के स्पिलवे के पास प्रशासन ने तार का बाड़ लगाया है, लेकिन लोग इसकी परवाह नहीं करते हैं. खुली जगहों से होकर डेंजर जोन में प्रवेश करते हैं. यहां पर कोई सुरक्षा गार्ड नहीं है. यहां पानी में डूबकर कई मौत हो चुकी है. 2022 में कार सहित चार लोग बह गये वे हरिहरपुर स्थित नलकारी नदी में जल प्रवाह अचानक और तेजी से होता है. 20. अगस्त 2022 को यहां बड़ा हादसा हुआ था. पिकनिक मना रहे चार लोग और उनकी कार अचानक आयी बाढ़ में बह गयी थी. इसमें सबकी मौत हो गयी थी. पलानी झरना में भी खाई की ओर जाने वाले जगह से बचने के लिए बांस का घेराय किया गया है, लेकिन यहां भी लोग डेंजर जोन में जाने से परहेज नहीं करते हैं, यहां कोई सुरक्षा गार्ड नहीं हैं. ये भी पढ़ें: रामगढ़ में सरकारी स्कूलों में ‘मेरा शब्द, मेरी कहानी’ पठन अभियान शुरू, बच्चों को मिलेगा अपनी पसंद की किताबें पढ़ने का मौका
पिकनिक स्पॉट के डेंजर जोन में होती है पेट्रोलिंग
प्रशासन ने कहा कि पिकनिक स्पॉट के डेंजर जोन में पुलिस हमेशा पेट्रोलिंग करती है. पर्यटकों को वहां से हटाया जाता है. उन्हें डेंजर जोन में नहीं जाने का निर्देश दिया जाता है. फेंसिंग के सबंध में वरीय पदाधिकारियों के निर्देश का पालन किया जायेगा,
तीन साल बाद भी नहीं हुई फेंसिंग
2022 में हुए हादसे के बाद तत्कालीन डीसी व एसपी ने हरिहर नलकारी क्षेत्र का निरीक्षण किया था. यहा डेंजर जोन में फेंसिंग कराने की बात कही थी, लेकिन तीन साल बाद भी आज तक यहां फेसिंग का काम शुरू नहीं हुआ है. पर्यटक मनमर्जी तरीके से यहां जमे रहते हैं. ऐसे में विशेषकर बरसात में मौसम में हादसा होने की संभावना बनी हुई है.
