मातृभाषा और संस्कृति ही हमारी पहचान है : निदेशक

मातृभाषा और संस्कृति ही हमारी पहचान है : निदेशक

रामगढ़. राधा गोविंद विश्वविद्यालय में शुक्रवार को मातृभाषा दिवस सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की प्रभारी कुलपति डॉ रश्मि ने की. कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो डॉ रश्मि, कुलसचिव डॉ निर्मल कुमार मंडल, परीक्षा नियंत्रक डॉ अशोक कुमार महतो, रांची विश्वविद्यालय के डॉ बीएन ओहदार, बासुदेव महतो, डॉ डीसी राम, अनाम ओहदार ने किया. कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल ने स्वागत भाषण दिया. विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बीएन साह ने कहा कि मातृभाषा दिवस हमें अपनी मातृभाषा के संरक्षण, संवर्धन व विकास के प्रति जागरूक करता है. मुख्य वक्ता खोरठा साहित्य संस्कृति के निदेशक डॉ बीएन ओहदार ने कहा कि मातृभाषा और संस्कृति ही हमारी पहचान है. डॉ डीसी राम ने कहा कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में भी मातृभाषा का अपना महत्व है. प्रभारी कुलपति डॉ रश्मि ने भी अपने विचार रखे. धन्यवाद ज्ञापन डॉ परीक्षा नियंत्रक डॉ अशोक कुमार ने किया. मौके पर प्रियंका कुमारी, डॉ संजय कुमार, अजय कुमार उपस्थित थे. चित्तरंजन महतो को मिला गोविंद महतो जंगली स्मृति सम्मान : साहित्यकार चितरंजन महतो को गोविंद महतो जंगली स्मृति साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया. वह रांची विश्वविद्यालय खोरठा के पहले प्राध्यापक हैं, जिन्होंने अस्सी के दशक में अपनी मातृभाषा खोरठा में जिनगिक टोह उपन्यास लिख कर तहलका मचाया था.

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By Prabhat Khabar News Desk

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