भूमि अधिग्रहण और मुआवजा नीति पर विधायक रोशनलाल ने उठाया सवाल

भूमि अधिग्रहण और मुआवजा नीति पर विधायक रोशनलाल ने उठाया सवाल

रामगढ़. झारखंड विधानसभा में बड़कागांव के विधायक रोशनलाल चौधरी ने एनटीपीसी की परियोजनाओं से जुड़े भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और पुनर्वास के मुद्दे को गंभीरता से उठाया. उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण सीबीए व एएंड एक्ट 1957 के तहत हुआ है, जिसमें प्रति दो एकड़ पर स्थायी नौकरी और उचित मुआवजा देने का प्रावधान है. यदि कोई नौकरी नहीं लेना चाहता, तो उसे अतिरिक्त मुआवजा मिलना चाहिए. चौधरी ने सवाल उठाया कि जब कानून मौजूद है, तो फिर मुआवजा और रोजगार की व्यवस्था सरकार और एनटीपीसी के बीच हुए समझौता पत्र के आधार पर क्यों तय की जा रही है. उन्होंने इसे विस्थापितों के हितों के विपरीत और कंपनी के पक्ष में बताया. विधायक ने यह भी कहा कि कई बार हजारीबाग आयुक्त और उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठकें हुईं और निर्णय भी लिये गये, लेकिन उन पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी. उन्होंने सरकार से स्पष्ट और न्यायसंगत नीति लागू करने की मांग की ताकि विस्थापितों को उनका हक और अधिकार मिल सके. मंत्री दीपक बिरुआ ने सदन को आश्वस्त किया कि यदि कमिश्नर के आदेशों का पालन नहीं हो रहा है, तो जांच कर कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने बताया कि राज्य में विस्थापन आयोग के गठन की प्रक्रिया चल रही है और इस मामले को गंभीरता से लिया जायेगा. इस तरह यह मुद्दा कानून बनाम समझौता पत्र की बहस को सामने लाता है और विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा की मांग को मजबूत करता है.

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By SAROJ TIWARY

SAROJ TIWARY is a contributor at Prabhat Khabar.

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