TMC Candidate List 2026: पश्चिम बंगाल की सत्ता पर लगातार चौथी बार काबिज होने के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मंगलवार को अपने 291 योद्धाओं की सूची जारी की. कालीघाट से जारी इस लिस्ट ने राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया है. 2021 के चुनाव में जहां सेलेब्रिटी कार्ड हावी था, तो 2026 में ममता ने बूथ मैनेजमेंट और लोकल नेटवर्क को प्राथमिकता दी है. पार्टी ने 135 मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट दिया है. सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency) से निबटने के लिए 75 विधायकों की छुट्टी कर दी है.
भवानीपुर बनेगा ममता बनाम शुभेंदु का कुरुक्षेत्र
सूची का सबसे बड़ा धमाका भवानीपुर सीट है. ममता बनर्जी अपनी इसी परंपरागत सीट से चुनाव लड़ेंगी. भाजपा ने यहां उनके ‘धुर विरोधी’ शुभेंदु अधिकारी को उतारकर मुकाबले को व्यक्तिगत बना दिया है. 2021 में नंदीग्राम में मिली 1,956 वोटों की हार का बदला लेने का ममता बनर्जी को अपने घर में मौका मिल सकता है. नंदीग्राम में ममता बनर्जी ने भाजपा से तृणमूल कांग्रेस में आये जमीनी नेता पबित्र कर पर दांव खेला है.
पार्थ चटर्जी और चिरंजीत का पत्ता कटा
टीएमसी की इस नयी रणनीति में बड़े-बड़े ‘सितारे’ धराशायी हो गये हैं. टॉलीवुड सुपरस्टार और विधायक चिरंजीत चक्रवर्ती (बारासात), परेश पाल (बेलेघाटा) और यहां तक कि कद्दावर नेता पार्थ चटर्जी (बेहला पश्चिम) को भी इस बार टिकट नहीं मिला है. पार्टी ने संदेश दिया है कि जो नेता केवल ‘स्टार’ हैं और बूथ नहीं संभाल सकते, उनकी जगह अब संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं को मिलेगी.
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नये चेहरे और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ का कॉकटेल
भले ही ग्लैमर कम हुआ हो, लेकिन प्रतिभाओं की कमी नहीं है. ओलिंपिक खिलाड़ी स्वप्ना बर्मन (राजगंज) और पूर्व क्रिकेटर शिव शंकर पॉल (तूफानगंज) जैसे खिलाड़ियों को मैदान में उतारकर टीएमसी ने युवाओं को संदेश दिया है. पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष को पहली बार बेलेघाटा से चुनावी मैदान में उतारा गया है. सांसद कल्याण बनर्जी के बेटे सिर्सन बनर्जी (उत्तरपाड़ा) और श्रेया पांडे (मानिकतला) जैसे नये चेहरों के जरिये पार्टी ने ‘नेक्स्ट जनरेशन’ लीडरशिप को प्रमोट किया है.
टीएमसी की ‘सोशल इंजीनियरिंग’ और नये चेहरे
| सामाजिक समूह | टीएमसी उम्मीदवार | नयी सोच |
|---|---|---|
| महिलाएं | 52 उम्मीदवार | आधी आबादी पर बड़ा दांव – लक्ष्मी भंडार, कन्याश्री जैसी योजनाओं के लाभार्थियों को गोलबंद करने की कोशिश. |
| SC-ST वर्ग | 95 उम्मीदवार | भाजपा के ‘आदिवासी कार्ड’ की काट – दलित और आदिवासी समुदायों में पैठ मजबूत करने का लक्ष्य. |
| अल्पसंख्यक वर्ग | 47 उम्मीदवार | मजबूत वोट बैंक को एकजुट – माकपा और कांग्रेस से होने वाले मतों के बिखराव को रोकने की रणनीति. |
| नये चेहरे (प्रोफेशनल और युवा) | 72 उम्मीदवार | ओलिंपियन खिलाड़ी स्वप्ना बर्मन (राजगंज), पूर्व क्रिकेटर शिव शंकर पॉल (तूफानगंज), कल्याण बनर्जी के बेटे सिर्सन बनर्जी (उत्तरपाड़ा). |
TMC Candidate List 2026: ये लोग फिर लड़ेंगे चुनाव
ममता बनर्जी एक बार फिर भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगी, जहां उनका मुकाबला भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से होगा. फिरहाद हकीम, जावेद अहमद खान, अरूप विश्वास, इंद्रनील सेन और चंद्रिमा भट्टाचार्य सहित कई वरिष्ठ मंत्रियों को उनके मौजूदा निर्वाचन क्षेत्रों से फिर से उतारा गया है.
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TMC टिकटों का गणित : एक नजर में
| कुल उम्मीदवार | 291 (3 सीटें सहयोगी BGPM के लिए छोड़ी) |
| महिलाएं | 52 |
| SC/ST उम्मीदवार | 95 |
| अल्पसंख्यक चेहरा | 47 |
| लक्ष्य | 226+ सीटें |
ममता की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की रणनीति
| रणनीतिक बदलाव | Glamour आउट (दिखावा) | संगठन IN (ग्राउंड) |
|---|---|---|
| महत्वपूर्ण पहलू | 75 विधायकों के टिकट काटे – सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency) को कम करने के लिए कड़ा कदम. | संगठन को मजबूती – जमीनी स्तर पर पकड़ रखने वाले, बूथ मैनेज करने वाले नेताओं को तवज्जो. |
| प्रमुख परिणाम | दिग्गजों की विदाई – चिरंजीत चक्रवर्ती, पार्थ चटर्जी, परेश पाल जैसे बड़े चेहरे ड्रॉप. | युवा नेतृत्व को मौका – संगठन में लंबे समय से काम कर रहे 72 नये चेहरे शामिल. |
| क्षेत्रवार प्रभाव | शहरी क्षेत्रों में ग्लैमर कम – कोलकाता, हावड़ा में स्टार उम्मीदवारों की जगह संगठन के चेहरों पर दांव. | ग्रामीण इलाकों में संगठन मजबूत – बीरभूम, 24 परगना में जिला स्तरीय नेताओं को रिटेन किया गया. |
| प्रमुख संदेश | नंबरों की जगह निष्ठा – केवल ‘स्टार’ होने से काम नहीं चलेगा, संगठन के प्रति निष्ठा और बूथ मैनेजमेंट जरूरी. | मिशन 226+ – ‘Ground’ को ‘Grit’ (दृढ़ संकल्प) से जोड़कर भारी बहुमत हासिल करने का लक्ष्य. |
प्रमुख चुनावी रणक्षेत्र – भवानीपुर में महामुकाबला
| चुनावी रणक्षेत्र | ममता बनर्जी (दीदी) | शुभेंदु अधिकारी (दादा) |
|---|---|---|
| निर्वाचन क्षेत्र | भवानीपुर (कोलकाता) | भवानीपुर (कोलकाता) |
| रणनीतिक महत्व | गुरु-शिष्य की सीधी जंग – 2021 के नंदीग्राम री-मैच. | दीदी के घर में चुनौती – ममता बनर्जी को उनके ही अभेद्य किले में घेरने की रणनीति. |
| 2021 का रिकॉर्ड | उपचुनाव में प्रचंड जीत (58,835 वोट से) | नंदीग्राम में ममता को दी शिकस्त (1,956 वोट से) |
| 2026 का मिशन | अभेद्य किले की रक्षा – शुभेंदु अधिकारी को हराकर नंदीग्राम का हिसाब चुकता करना. | ममता बनर्जी को हराकर ‘बाहरी’ का टैग हटाकर भवानीपुर में कमल खिलाना. |
| प्रमुख मुद्दे | बंगाल का ‘नंबर 1’ – प्रतिष्ठा की लड़ाई, ‘नबान्न’ तक पहुंचने का रास्ता. | ‘मदर’ वर्सेज ‘मास’ – ममता की मदर छवि और शुभेंदु की ‘मास’ लीडरशिप की टक्कर. |
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