इंसानियत का पैगाम अपनाना जरूरी : कारी नूरी

इंसानियत का पैगाम अपनाना जरूरी : कारी नूरी

बरकाकाना. मस्जिद ए असरा पीरी में तरावीह की नमाज पूरी हुई. इस अवसर पर विशेष जलसे का आयोजन किया गया. मौलाना गुलाम जिलानी ने रमजान के महीने की फजीलत व अहमियत पर तकरीर पेश किया. उन्होंने कहा कि रमजान का महीना मुसलमानों के लिए रहमत और बरकत का है. इसमें रोजा, नमाज, तरावीह और कुरान की तिलावत के जरिए अल्लाह की इबादत की जाती है. उन्होंने सब्र, भाईचारे तथा इंसानियत का पैगाम अपनाने, जरूरतमंदों की मदद करने, जकात व सदका देने की अपील की. इस दौरान तरावीह की नमाज मुकम्मल कराने वाले कारी तंजीम रजा नूरी को उनकी मेहनत, सेवा के लिए सम्मानित किया गया. मौके पर शौकत अली, इम्तियाज अंसारी, हाजी इमदाद हुसैन, इनायत हुसैन, अमानुल्लाह अंसारी, रफीक अंसारी, महमूद अंसारी, रफीउल्लाह अंसारी, फिरोज अंसारी, इजहार अंसारी, जावेद अली, अताउर रहमान, इबरार आलम, ताजुद्दीन अंसारी, कलीम अंसारी, हलीम अंसारी, जिकरुल्लाह अंसारी, जुहैव हुसैन उपस्थित थे.

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By SAROJ TIWARY

SAROJ TIWARY is a contributor at Prabhat Khabar.

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