रामगढ़. रामगढ़ महाविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग की ओर से बहुउद्देशीय भवन में करम महोत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रामगढ़ विधायक ममता देवी, विशिष्ट अतिथि खोरठा भाषा के लेखक गजाधर महतो प्रभाकर एवं कुडमाली भाषा के लेखक व मौसम वैज्ञानिक रतन कुमार महतो सत्यार्थी उपस्थित थे. अतिथियों का स्वागत प्राचार्य प्रो. डॉ. बिमल कुमार मिश्रा ने किया. प्रशासनिक भवन से बहुउद्देशीय भवन तक अतिथियों का पारंपरिक नृत्य-गीत के साथ स्वागत किया गया. मंच पर अतिथियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया.
प्राचार्य डॉ. बिमल कुमार मिश्रा ने महाविद्यालय के विकास एवं प्रगति के प्रयासों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि रामगढ़ महाविद्यालय को विश्वविद्यालय बनाने का प्रयास किया गया है, जिसे और गति देने की आवश्यकता है. मुख्य अतिथि ममता देवी ने कहा कि करमा पर्व पर्यावरण के महत्व का संदेश देता है. हमारा जीवन पर्यावरण पर निर्भर है. उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी से पौधरोपण करने की अपील की. उन्होंने कहा कि करमा पर्व भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने तथा भाई को बहन के प्रति प्रेम, सम्मान व सुरक्षा का संदेश देता है.
रतन कुमार महतो सत्यार्थी ने कहा कि करमा नृत्य का एंटी क्लॉक होना वैज्ञानिक है और पर्व बेहतर कृषि व्यवस्था का संदेश देता है. गजाधर महतो प्रभाकर ने करमा-धरमा दो भाइयों की कहानी सुनाकर पर्व के संदेश पर प्रकाश डाला.
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. बिमल कुमार मिश्रा ने की. खोरठा विभागाध्यक्ष बीरबल महतो ने विषय प्रवेश कराया. संचालन वाणिज्य विभाग के शिक्षक मोहित जैन ने, जबकि धन्यवाद ज्ञापन शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष योगेंद्र राम ने किया. अंत में महाविद्यालय के बर्सर डॉ. आरके उपाध्याय एवं डॉ. बख्शी ओम प्रकाश सिन्हा ने मुख्य अतिथि ममता देवी को महाविद्यालय की ओर से अभिनंदन पत्र प्रदान किया. कार्यक्रम में शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी व काफी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.