रामगढ़ से रवीन्द्र कुमार की रिपोर्ट
जमशेदपुर और झारखंड के लिए यह गौरव का क्षण है. पूर्वी भारत के प्रमुख मानव निर्मित जलाशयों में शामिल डिमना झील को नई दिल्ली के लाल किले में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय पहचान मिली. समारोह के दौरान देश की 25 प्रमुख झीलों के नाम पर दर्शक दीर्घाओं का नामकरण किया गया, जिनमें डिमना झील भी शामिल है. यह सम्मान भारत की समृद्ध जल विरासत और जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करता है. आठ दशक से जमशेदपुर की जल जीवनरेखा डिमना झील केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि आठ दशकों से अधिक समय से जमशेदपुर की जल सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार रही है. शहर की बढ़ती जल जरूरतों को देखते हुए 1930 के दशक के उत्तरार्ध में इसके निर्माण की परिकल्पना की गई थी. टाटा स्टील ने डिमना नाला जलापूर्ति योजना के तहत दलमा पर्वतमाला के जलग्रहण क्षेत्रों से वर्षाजल के संचयन की योजना बनाई.
परियोजना का निर्माण फरवरी 1940 में शुरू हुआ
परियोजना का निर्माण फरवरी 1940 में शुरू हुआ और वर्ष 1944 में पूरा हुआ. 17 अप्रैल 1944 को पहली बार डिमना झील से जमशेदपुर शहर में जलापूर्ति शुरू हुई. लगभग 7,500 मिलियन गैलन की भंडारण क्षमता वाले इस जलाशय को शहर की दीर्घकालिक जल जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से विकसित किया गया था.
इंजीनियरिंग और प्रकृति का अनूठा संगम
दलमा की पहाड़ियों की तलहटी में स्थित डिमना झील आज भी जमशेदपुर के जल तंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी है. प्राकृतिक जलग्रहण क्षेत्रों और जंगलों से घिरी यह झील जल सुरक्षा के साथ पर्यावरणीय संतुलन में भी योगदान देती है. समय के साथ डिमना झील जमशेदपुर और झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में भी शामिल हो गई. यहां का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करता है. नौकायन और अन्य मनोरंजक गतिविधियों ने भी इसे शहर के सामाजिक जीवन से जोड़ दिया है.
जल संरक्षण की दीर्घकालिक सोच
डिमना झील टाटा स्टील की उस दूरदर्शी सोच का उदाहरण है, जिसमें औद्योगिक विकास के साथ समुदायों की जरूरतों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी महत्व दिया गया. दशकों से टाटा स्टील और टाटा स्टील यूआईएसएल इस जल संपदा के संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े रहे हैं. बांध और जलाशय की सुरक्षा, जलवैज्ञानिक आकलन तथा संचालन से जुड़े मानकों की नियमित निगरानी के माध्यम से इसकी विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर दिया जाता है.
राष्ट्रीय सम्मान से बढ़ी विरासत की पहचान
लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में डिमना झील को मिला सम्मान महज एक जलाशय की पहचान नहीं, बल्कि जमशेदपुर की आठ दशक पुरानी जल विरासत का सम्मान है. यह उस दूरदर्शी निवेश और जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन को भी रेखांकित करता है, जिसने शहर के विकास को मजबूत आधार दिया. आज जब जल संरक्षण और जल सुरक्षा वैश्विक चिंता के विषय हैं, डिमना झील यह संदेश देती है कि जल संसाधनों में दूरदर्शी निवेश आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी सुरक्षा और विकास का आधार बन सकता है. एक जलाशय से जीवनरेखा और अब राष्ट्रीय प्रतीक तक डिमना झील, जमशेदपुर की विकास यात्रा की स्थायी विरासत बन चुकी है.
