सुरेंद्र कुमार/शंकर पोद्दार, रजरप्पा रजरप्पा मंदिर परिसर और आस-पास के क्षेत्रों में वर्षों से फैले अतिक्रमण को हटाने के लिए पहल शुरू हो चुकी है. द बिहार पब्लिक लैंड इंक्रोचमेंट एक्ट 1956 के तहत 254 दुकानदारों को चिह्नित कर 25 मार्च को नोटिस जारी किया गया है. नोटिस में 15 दिन में अतिक्रमण हटाने और दुकानों को खाली करने का निर्देश दिया गया है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रजरप्पा मंदिर और उसके आस-पास के प्रक्षेत्र के विकास के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गयी है. इस योजना के तहत भैरवी नदी के दोनों किनारों पर आधुनिक बाथिंग घाट बनाये जायेंगे. इससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक स्नान की सुविधा मिलेगी. चेंजिंग रूम, बैठने की व्यवस्था और आधुनिक लाइटिंग सिस्टम भी विकसित किया जायेगा. संगम स्थल को प्रमुख आकर्षण के रूप में विकसित करने की भी योजना है. यहां व्यू प्वाइंट बनाया जायेगा. यहां से श्रद्धालु भैरवी और दामोदर नदी के संगम का मनोरम दृश्य देख सकेंगे. डीएमएफटी मद से चितरपुर ओवरब्रिज फोरलेन से रजरप्पा मंदिर तक सड़क के दोनों किनारों पर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना है. इससे रात में भी आवागमन सुरक्षित और सुगम रहेगा. मंदिर क्षेत्र में बस टर्मिनल के निर्माण की भी योजना है. भैरवी और दामोदर नद के घाटों तक जाने वाली सड़कों काे चौड़ीकरण किया जायेगा. मंदिर में होने वाली बकरे की बलि के बाद उत्पन्न अपशिष्ट के व्यवस्थित तरीके से निपटने की व्यवस्था की जा रही है. संयुक्त सचिव ने किया था दौरा : बताया जाता है कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद हाल ही में पर्यटन विभाग के संयुक्त सचिव सहित कई वरीय अधिकारियों ने रजरप्पा मंदिर का दौरा किया था. निरीक्षण के दौरान उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और जिला प्रशासन को कई आवश्यक निर्देश दिये. मंदिर के समग्र विकास के लिए विस्तृत मास्टर प्लान और मैप भी तैयार किया जा रहा है.
100 करोड़ से होगा रजरप्पा मंदिर का सौंदर्यीकरण, हटेगा अतिक्रमण
100 करोड़ से होगा रजरप्पा मंदिर का सौंदर्यीकरण, हटेगा अतिक्रमण
