रामगढ़: सिख रेजीमेंटल सेंटर और पंजाब रेजीमेंटल सेंटर रामगढ़ कैंट के पदाधिकारी व जवानों को भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवघर में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी. एम्स देवघर को पूर्व-सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) रांची के क्षेत्रीय केंद्र के साथ गुरूवार को पैनलबद्ध किया गया. स्वास्थ्य सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण पहल हुई है.
इससे रामगढ़ कैंट समेत झारखंड के करीब 1.2 लाख पूर्व सैनिकों, वीर नारियों व पात्र आश्रितों को ईसीएचएस के तहत बेहतर कैशलेस इलाज का लाभ मिलेगा. एम्स देवघर में आयोजित समारोह में इसे लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये. एमओयू पर क्षेत्रीय केंद्र ईसीएचएस, रांची के निदेशक व एम्स देवघर के एमएस ने हस्ताक्षर किये.
इस अवसर पर एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो डॉ नितिन गंगने तथा झारखंड व बिहार सब-एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल जितेंद्र सिंह विशिष्ट सेवा मेडल मौजूद थे.
एम्स देवघर भारत सरकार के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के अंतर्गत स्वायत्त रूप से काम करता है. इस जुड़ाव से झारखंड भर के करीब 1.2 लाख पूर्व सैनिकों, वीर नारियों व पात्र आश्रितों को ईसीएचएस के तहत बेहतर कैशलेस इलाज मिलेगा.
सभा को संबोधित करते हुए मेजर जनरल जितेंद्र सिंह, विशिष्ट सेवा मेडल ने कहा कि यह जुड़ाव पूर्व सैनिक समुदाय के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. उन्होंने भरोसा जताया कि यह साझेदारी देश की सेवा करने वालों को समय पर गुणवत्तापूर्ण व विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद करेगी.
उन्होंने कहा कि यह साझेदारी बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक समुदाय को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभायेगी व एक महत्वपूर्ण कमी को पूरा करेगी. इससे झारखंड, बिहार व आसपास रहने वाले लाभार्थियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा के लिए दूर के बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी.
