21 लाख देख कर नीयत बदला खुद रची अपहरण की कहानी

गोला : गोला थाना क्षेत्र के कुसुमडीह स्थित यश एलॉय प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से 21 लाख रुपये लेकर फरार उमाचरण मंडल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उमाचरण ने पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है. गोला थाना में एसडीपीओ निधि द्विवेदी ने प्रेस कॉफ्रेंस कर इस मामले का खुलासा किया. उमाचरण ने पुलिस […]

गोला : गोला थाना क्षेत्र के कुसुमडीह स्थित यश एलॉय प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से 21 लाख रुपये लेकर फरार उमाचरण मंडल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उमाचरण ने पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है.
गोला थाना में एसडीपीओ निधि द्विवेदी ने प्रेस कॉफ्रेंस कर इस मामले का खुलासा किया. उमाचरण ने पुलिस को दिये गये बयान में कहा है कि 21 लाख रुपये देख कर उसकी नीयत बदल गयी थी. राशि हड़पने के लिए उसने स्वयं ही अपहरण की कहानी बनायी. पुलिस ने सख्ती दिखायी, तो उसने सच्चाई बता दी. उमाचरण ने बताया कि वह 20 लाख 80 हजार रुपये लेकर फैक्टरी से रामगढ़ के बैंक में जमा करने के लिए निकला था.
रास्ते में ही उसने पैसा गबन करने की योजना बनायी. वह बैंक नहीं जाकर बंगाल की ओर चले गया. उसने अपना मोबाइल के सीम को तोड़ कर फेंक दिया. चार दिन तक बंगाल के विभिन्न रेलवे स्टेशन पर रात बितायी. आठ मई की रात वह घर गेड़ेवीर पहुंचा. उमाचरण के घर पहुंचने की सूचना पुलिस को मिली, तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया. उसकी निशानदेही पर घर से पूरी राशि व मोटरसाइकिल बरामद की गयी.
दो टीम बना कर पुलिस ने की छापामारी : उमाचरण को पकड़ने के लिए एसपी प्रियदर्शी आलोक के निर्देश पर दो टीम का गठन किया गया. एक का नेतृत्व थाना प्रभारी अर्जुन कुमार मिश्रा एवं दूसरे का एसआइ मो सलीमुद्दीन ने किया. थाना प्रभारी ने बताया कि जैसे ही राशि के साथ कर्मी के गायब होने की सूचना मिली, तो कई बिंदुओं पर पुलिस ने काम करना शुरू कर दिया.
पहली प्राथमिकता फैक्टरी के अन्य कर्मियों की मिलीभगत से साजिश के तहत राशि हड़पने, अपहरण कर हत्या, फैक्टरी में दुर्घटना के दौरान मौत जैसी बिंदुओं पर जांच की गयी. उमाचरण से पूरी राशि की बरामदगी होने पर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. एसडीपीओ ने इस सफलता पर थाना प्रभारी अर्जुन कुमार मिश्रा एवं एसआइ मो सलीमुद्दीन को बधाई दी है.
क्या है मामला : यश एलॉय प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का कर्मी उमाचरण मंडल पांच मई को 20 लाख 80 हजार रुपये लेकर रामगढ़ बैंक गया था. इसी बीच वह राशि के साथ गायब हो गया. फैक्टरी के मालिक अनिल अग्रवाल ने उमाचरण मंडल पर साजिश के तहत राशि लेकर फरार होने एवं अन्य कर्मियों पर इसमें शामिल होने का मामला दर्ज कराया था. उमाचरण की पत्नी आरती देवी ने फैक्टरी प्रबंधन पर अपने पति की हत्या करने की आशंका व्यक्त की थी.

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