02.15 लाख किमी साइकिल यात्रा कर चुके हैं

रामगढ़ : पूरे देश में नशामुक्ति के लिए जागरूकता फैलाने तथा सिख धर्म के प्रचार के लिए लगभग दो लाख 15 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा कर चुके अमनदीप सिंह खालसा सोमवार को रामगढ़ पहुंचे. रामगढ़ में गुरुद्वारा प्रधान रमिंदर सिंह गांधी, रविंद्र सिंह छाबड़ा बिट्टी,भाजपा नेता धनंजय कुमार पुटूस व अन्य ने उनका स्वागत […]

रामगढ़ : पूरे देश में नशामुक्ति के लिए जागरूकता फैलाने तथा सिख धर्म के प्रचार के लिए लगभग दो लाख 15 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा कर चुके अमनदीप सिंह खालसा सोमवार को रामगढ़ पहुंचे. रामगढ़ में गुरुद्वारा प्रधान रमिंदर सिंह गांधी, रविंद्र सिंह छाबड़ा

बिट्टी,भाजपा नेता धनंजय कुमार पुटूस व अन्य ने उनका स्वागत किया. नशामुक्त समाज की कल्पना व सिख धर्म के प्रचार का उद्देश्य लेकर अमनदीप सिंह ने बेंगलुरु को चिकात्रपति गांव से वर्ष 2009 में साइकिल यात्रा प्रारंभ की थी. उन्होंने बताया के वे दो लाख किलोमीटर से अधिक साइकिल से यात्रा कर चुके हैं. वे सुबह पांच बजे से संध्या पांच बजे तक साइकिल चलाते हैं. साथ ही उन्होंने 35 हजार स्कूलों में जागरूकता अभियान चला चुके हैं. अमनदीप सिंह खालसा ने बताया कि वर्ष 2007 में उनके मामा राम रेड्डी की मौत शराब पीने से हो गयी थी. इसके बाद ही वे नशा से लोगों को दूर करने के लिए अभियान चला रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनका नाम गिनीज बुक में दर्ज हो चुका है. उन्हें अमेरिका में एक अगस्त को पुरस्कार प्रदान किया जायेगा.

यात्रा की वजह से बेटी की शादी में नहीं पहुंच सके

अमनदीप ने बताया कि वे गांव के गुरुद्वारे के स्कूल में शिक्षक थे. उन्हें आठ वर्ष हो गये घर से निकले हुए. पिछले वर्ष बेटी की शादी हुई लेकिन वे शादी में शामिल नहीं हो सके. उनकी पत्नी शिक्षिका है और बेटा अमेरिका में ईएनटी विशेषज्ञ चिकित्सक है. उनके परिवार के सदस्य उनके खर्च के लिए पैसे बैंक में डाल देते हैं.

बराक ओबामा ने ट्वीट कर बढ़ाया हौसला

अमनदीप सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हैं. वे अपने साथ बैग में लैपटॉप लेकर चलते हैं. उन्होंने बताया के वे अपनी यात्रा से संबंधित बातों को सोशल मीडिया पर डालते हैं. यहां बराक ओबामा ने उनका हौसला बढ़ाया तथा उन्हें अमेरिका आने का न्योता दिया. अमनदीप ने बताया के यात्रा समाप्त कर वे अपने घर पर रहेंगे तथा अमेरिका जाने की तैयारी करेंगे. जब वे वर्ल्ड बुक ऑफ गिनीज का पुरस्कार लेने एक अगस्त को अमेरिका जायेगे तो वे बराक ओबामा से भी मिलेंगे.

बंगलुरु के निकट के गांव चिकात्रपति के निवासी महादेव रेड्डी सिख धर्म से तथा साहिबजादों के बलिदान से प्रभावित होकर उन्होंने सिख बनने का निर्णय लिया. साथ ही नशामुक्ति के साथ-साथ सिख धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए साइकिल से देश की यात्रा करने निकल पड़े हैं. अमनदीप सिंह खालास छह भाषाओं कन्नड़, तेलगु, तमिल, इंग्लिश, पंजाबी व हिंदी के जानकार है. अपनी यात्रा में उन्होंने सात साइकिल व 30 टायर-ट्यूब बदल चुके हैं.

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