बताया गया कि चार-नौ दिसंबर तक पूरे सीसीएल में काला बिल्ला लगा कर कामकाज होगा. 13 दिसंबर को सीसीएल क्षेत्र के सभी महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जायेगा. 20 दिसंबर को सीसीएल मुख्यालय दरभंगा हाउस के समक्ष प्रदर्शन किया जायेगा. 15 जनवरी को प्रथम पाली से लेकर 17 जनवरी के तृतीय पाली तक तीन दिवसीय हड़ताल की जायेगी.
बैठक में सीसीएल प्रेसिडेंट एसडी सिंह ने कहा कि प्रबंधन द्वारा हमारी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जाता रहा है. प्रबंधन की उदासीनता ने ही इनमोसा को आंदोलन के लिए बाध्य किया है. इनमोसा जिन मुद्दों को लेकर आंदोलन की घोषणा की गयी है, उनमें इनमोसा व सीसीएल प्रबंधन के बीच वार्ता में बनी सहमति को क्रियान्वित करने, माइनिंग स्टाफ के कैरिअर ग्रोथ के लिए कैडर स्कीम व स्टाफिंग पैटर्न निर्धारित करने, माइनिंग सरदार व ओवरमैन की कमी को पूरा करने, सभी कमेटियों में इनमोसा को प्रतिनिधित्व देने, माइन एक्ट के प्रावधान के अनुसार प्रमोशन करने, आउटसोर्सिंग पैच को सीधे माइनिंग स्टाफ के प्रशासनिक नियंत्रण में चलाने, उचित आवास उपलब्ध कराने, इनमोसा सदस्यों के आश्रित को माइनिंग में डिग्री या डिप्लोमा के बाद वैधानिक सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था करने, सीसीएल हेड ऑफिस में सुसज्जित कार्यालय उपलब्ध कराने, सदस्यता शुल्क चेक ऑफ प्रणाली के तहत काटने की मांगें शामिल हैं. बैठक में महामंत्री विजय कुमार सिंह, संगठन सचिव रामराज सिंह, कोषाध्यक्ष रामेश्वर महतो, बरका-सयाल क्षेत्रीय सचिव रामकिशोर कुमार, बैजनाथ नायक, अनिल सिंह, रामप्रसाद महतो, नरेंद्र कुमार शर्मा, रमेश प्रसाद, सुधीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, श्यामसुंदर प्रसाद, पवन कुमार, विक्की सिंह, दिनकर कुमार सिंह, मनोज राम, मनीष सिंह, शशि कुमार, रामदेव महतो, राजीव दुबे, विकास महतो, रितेश कुमार, रंजीत कुमार, निरंजन सिंह, महेंद्र, श्यामसुंदर प्रसाद, संजय सिंह, प्रमोद महतो उपस्थित थे.
