रजरप्पा: रजरप्पा प्रोजेक्ट में स्लेरी, रिजेक्ट कोयले का कोटा आवंटन नहीं किये जाने के कारण कांटा घर के समीप दिनभर दर्जनों ट्रकें खड़े रहे. जिससे इन ट्रकों का कांटा नहीं हो पाया. साथ ही लगभग छह सौ मजदूर भी काम के अभाव में दिनभर बैठे रह गये. जिससे सीसीएल को लाखों रुपये की क्षति का […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
रजरप्पा: रजरप्पा प्रोजेक्ट में स्लेरी, रिजेक्ट कोयले का कोटा आवंटन नहीं किये जाने के कारण कांटा घर के समीप दिनभर दर्जनों ट्रकें खड़े रहे. जिससे इन ट्रकों का कांटा नहीं हो पाया. साथ ही लगभग छह सौ मजदूर भी काम के अभाव में दिनभर बैठे रह गये. जिससे सीसीएल को लाखों रुपये की क्षति का अनुमान है.
उधर कोटा आवंटन नहीं मिलने पर डीओ धारकों व लिफ्टरों ने प्रबंधन का जमकर विरोध किया. इनका कहना था कि प्रबंधन द्वारा हमेशा मनमानी रवैया अपनाया जाता है. साथ ही जान बूझकर डीओ धारकों को क्षति पहुंचायी जा रही है. पिछले चार दिनों से डीओ होल्डरों के सेल ऑर्डर का रिलीज करने में भी आनाकानी बरती जा रही है. डीओ होल्डरों का कहना था कि इन्हें कोयला उठाव के लिए महज 45 दिन दिया जाता है.
वहीं प्रबंधन द्वारा कई दिन कांटा घर बंद रखा जाता है. साथ ही सेल ऑर्डर भी नहीं दिया जाता है. ऐसी स्थिति में डीओ धारक अपना कोयला नहीं बेच पा रहे है. जिससे डीओ होल्डरों में प्रबंधन के प्रति रोष है. उधर प्रबंधन का कहना है कि कर्मचारी के अभाव के कारण डीओ धारकों को कोटा आवंटन नहीं किया जा सका.