इस आदेश के खिलाफ बलराम ठाकुर ने अपील की थी, लेकिन अपील खारिज हो गयी. पतरातू अंचल अधिकारी ने उन्हें उनकी जमीन पर दखलदिहानी नहीं दिलायी गयी. इसके बाद जुलाई में वे एसडीओ कार्यालय के समक्ष दखलदिहानी की मांग को लेकर धरना पर बैठ गये. एसडीओ ने अपने कार्यालय में बुला कर हमें दखलदिहानी का आश्वासन दिया.
कल्याण पदाधिकारी ने जूस पिला कर भूख हड़ताल समाप्त करायी. इसके बाद भी दखलदिहानी नहीं दिलायी गयी. इसके बाद दो नवंबर से वे उपायुक्त कार्यालय के समक्ष पूर्वजों की जमीन पर दखलदिहानी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गये. उनकी जमीन पर बलराम ठाकुर का कब्जा था. सुनील पाहन ने उपायुक्त को आवेदन दिया है. इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व सीओ पतरातू को प्रेषित की गयी है. धरना पर रवि पाहन, संतोष पाहन, अजीत पाहन, अजीत बेदिया, राजेश बेदिया, अपू पाहन, कुंतू देवी, रीता देवी बैठे हैं.
