सुविधा शून्य, टैक्स भरपूर, आजादनगर में नगर निगम की पोल खुली

प्रभात आपके द्वार कार्यक्रम में मुहल्लेवासियों का फूटा गुस्सा

प्रभात आपके द्वार कार्यक्रम में मुहल्लेवासियों का फूटा गुस्सा प्रतिनिधि, मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या–2 अंतर्गत आजादनगर मोहल्ला में प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान मोहल्लेवासियों ने बेझिझक अपनी पीड़ा रखी और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं से अवगत कराया. लोगों ने बताया कि वर्ष 2017 से पूर्व यह मोहल्ला सदर प्रखंड के सुदना पश्चिमी पंचायत का हिस्सा था. बाद में राज्य सरकार ने शहर से सटे पंचायतों को नगर परिषद में शामिल कर नगर निगम का दर्जा दिया. उस समय लोगों में उम्मीद जगी थी कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा और बुनियादी सुविधाएं सहज रूप से मिलेंगी. लेकिन हकीकत यह है कि नगर निगम में शामिल होने के बाद भी आजादनगर को कोई लाभ नहीं मिला. समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं. शहर के हृदयस्थली छह मुहान से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित इस मोहल्ले में आज तक शहरी विकास योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकीं. लोगों का कहना है कि पंचायती राज व्यवस्था के समय जो काम हुए, वही आज भी दिखाई देते हैं. मोहल्लेवासियों ने कहा कि सड़क, नाली, सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं, लेकिन टैक्स का बोझ जरूर लाद दिया गया है. नगर निगम अधिनियम के तहत होल्डिंग टैक्स और पानी टैक्स देना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों और निगम प्रशासन की उदासीनता के कारण क्षेत्र उपेक्षित बना हुआ है. मौके पर आनंद तिवारी, सत्येंद्र मेहता, रिंटू अग्रवाल, नीरज सोनी, पंकज सोनी, अमित मेहता, शंभू गुप्ता, कन्हाई साव, जसमती देवी, सरिता, नूतन, प्रियंका, पूनम, उर्मिला, काजल, मीना, माया और खुशबू समेत कई लोग मौजूद थे. सड़क-नाली नहीं, जलापूर्ति भी बदहाल फोटो, 2,3,5,6 लोगों ने बताया कि वर्ष 2018 में नगर निगम का चुनाव होने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया. शासन-प्रशासन की उपेक्षा के कारण क्षेत्र में शहरी विकास की योजनाएं संचालित नहीं हो सकीं. शेखर चौधरी ने कहा कि मोहल्ले के विकास और लोगों को सुविधा देने के प्रति निगम के जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी गंभीर नहीं है. इसी वजह से समस्याएं बढ़ती जा रही हैं. मोहल्ले से 11 हजार वोल्ट का तार गुजरता है, जो कई बार टूटकर घरों पर गिर चुका है. शिकायत के बाद भी इसे नहीं हटाया गया. संध्या देवी ने बताया कि न तो सड़क बनी और न ही नाली. स्ट्रीट लाइट की भी समुचित व्यवस्था नहीं है. पूर्व सांसद रामदेव राम के घर के पास निजी खर्च से बल्ब लगाया गया है. निगम प्रशासन सफाई और प्रकाश व्यवस्था में भी विफल रहा है. मुन्ना गुप्ता ने कहा कि कई जगह जलापूर्ति पाइप फटे हुए हैं, जिससे सड़क पर पानी बहता रहता है. शिकायत के बावजूद सुधार नहीं हुआ. भूषण सिंह ने बताया कि आजादनगर की मुख्य सड़क पंचायत द्वारा वर्ष 2010 में बनाई गई थी, जो अब जर्जर हो चुकी है, लेकिन निगम ने मरम्मत नहीं करायी. लोगों ने कहा कि निगम में शामिल होने के बाद भी फिल्टरयुक्त पानी की व्यवस्था नहीं है. कई महीनों से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा, फिर भी टैक्स वसूला जा रहा है.

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By Akarsh aniket

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