प्रतिनिधि, पांकी
भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट से जूझ रहे कोनवाई गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को अपने घरों से खाली बाल्टी, डेग और बर्तन लेकर सड़क पर बैठ गये.इस दौरान सुबह सात बजे से दोपहर 1:35 बजे तक करीब साढ़े छह घंटे कोनवाई बस स्टैंड के समीप पांकी-मेदिनीनगर मुख्य पथ को जाम कर धरना प्रदर्शन किया. इस पूर्व निर्धारित आंदोलन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की करीब दो किलोमीटर लंबी कतार लग गयी, जिससे राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानी हुई.भीषण गर्मी व चिलचिलाती धूप के कारण कई प्रदर्शनकारी सड़क पर ही अचेत हो गये. ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों को बुलाने की मांग कर रहे थे. बीडीओ राजीव कुमार, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सहायक अभियंता राजेश कुमार सिंह और कनीय अभियंता श्रीकांत कुमार जाम स्थल पर पहुंचकर चार दिनों के अंदर समस्या के समाधान करने की बात कही. फिलहाल प्रभावित टोलों में टैंकर से जलापूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ. जाम के दौरान एंबुलेंस सहित आवश्यक सेवाओं को मुक्त रखा गया था. मौके पर कांग्रेस नेता लाल सूरज, मुकेश सिंह चंदेल, पश्चिमी जिप सदस्य निधि सिंह, कोनवाई मुखिया मंजू देवी, पंसस लक्ष्मण सिंह, पूर्व मुखिया प्रमोद सिंह, प्रेम सागर सिंह, रामबली सिंह, उपमुखिया सत्यदेव सिंह, सांसद प्रतिनिधि बीरेंद्र सिंह, निर्मल सिंह, बलवंत सिंह,श्याम सिंह,राकेश सिंह, संदीप सोनी, प्रह्लाद सिंह सहित काफी संख्या में ग्रामीण जाम स्थल पर मौजूद थे.
करोड़ों की नल-जल योजनाएं बेकार साबित हुई
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च किये गये हैं, लेकिन इसके बावजूद निर्मित जलमीनार और नल-जल योजनाएं पूरी तरह निष्क्रिय हैं. लोगों को पीने के लिए एक बूंद शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है. स्थिति इतनी खराब है कि स्थानीय स्कूल के बच्चे भी कुएं का दूषित पानी पीने को विवश हैं. इसी वजह से आक्रोशित महिलाएं और पुरुष अपने घरों से खाली बाल्टी, डेग और बर्तन लेकर सड़क पर बैठने को मजबूर हुए.अधिकारियों के ठोस आश्वासन पर बहाल हुआ आवागमन
आंदोलन के उग्र होने पर पहुंचे पीएचइडी विभाग के एसडीओ राजेश कुमार सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि चार दिनों के अंदर तकनीकी कमियों को दूर कर पेयजल आपूर्ति नियमित कर दी जायेगी .उन्होंने विभागीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में पानी की अत्यधिक किल्लत है, वहां आज से ही टैंकर के माध्यम से पानी पहुंचाया जायेगा. इस ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने दोपहर 1:35 बजे चक्का जाम समाप्त किया, जिसके बाद प्रशासन ने यातायात सुचारू कराया गया.