किशुनपुर को पिकेट बनाने पर व्यवसायियों ने किया विरोध

किशुनपुर को पिकेट बनाने पर व्यवसायियों ने किया विरोध

प्रतिनिधि : पाटन

पलामू जिला के किशुनपुर ओपी को पिकेट बनाने के बाद स्थानीय व्यवसायियों ने विरोध किया है. व्यवसायियों का कहना है कि किशुनपुर का इलाका उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र रहा है. पिकेट स्थापित होने के बाद ओपी बनाया गया. क्षेत्र में अपराध व नक्सल पर अंकुश लगा. वर्ष 2009 में पुलिस पिकेट स्थापित किया गया. तो किशुनपुर व्यवसायिक दृष्टिकोण से मजबूत होने लगा. विकास में तेजी आयी. किशुनपुर से ओपी तक मुख्य सड़क के दोनों किनारे दुकानें बनाना शुरू हुआ. इधर वर्ष 2014 में विष्णुदयाल राम सांसद बने. इसके बाद सांसद श्री राम ने किशुनपुर को गोद लिया. इस क्रम में सांसद द्वारा किशुनपुर में स्टेट बैंक के शाखा स्थापित करवायी गयी. कई सड़कें बनी.

2018 में किशुनपुर को पुलिस पिकेट से ओपी का दर्जा मिला

वर्ष 2018 में किशुनपुर को पुलिस पिकेट से ओपी का दर्जा मिला. जिससे क्षेत्र में अमन चैन कायम हुआ. व्यवसायी अपने को सुरक्षित महसूस करने लगे और व्यवसाय को बढ़ाने का काम किया.लेकिन बुधवार को ओपी के स्थान पर पिकेट लिखा पाया तो व्यवसायियों में आक्रोश देखा गया. किशुनपुर देवी मंडप के पास पाटन मध्य के पूर्व जिप सदस्य के नेतृत्व में व्यवसायियों व आमजनों की बैठक हुई. जिसमें किशुनपुर ओपी को पिकेट बनाने की घोर निंदा की गयी. इसके विरोध में चरणबद्ध तरीके आंदोलन करने का निर्णय लिया गया. शुक्रवार को जिले के वरीय पदाधिकारी को लिखित सूचना दी जायेगी. इसके बाद रविवार को शांतिपूर्ण तरीके से किशुनपुर से आंदोलन की शुरुआत की जायेगी. व्यवसायियों व आमजनों की मांग पर विचार नही किया गया तो किशुनपुर में चक्का जाम किया जायेगा. मौके पर व्यवसायी राजीव प्रसाद मालाकार, राकेश गिरी, महेश प्रसाद कश्यप, चिंटू सोनी, बीरेंद्र सिंह, इंदुमति देवी, प्रेमचंद सोनी, शंभूनाथ गुप्ता, विकाश रजक, रौशन कुमार, दीपू सोनी, विजय गुप्ता, डिंपल गुप्ता, जमील मियां, सुधीर गिरी, रमजान अंसारी सहित कई लोग मौजूद थे.

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Author: Akarsh Aniket

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