पलामू में पांडू पुलिस ने अवैध भंडारण किए गए 4800 सीएफटी बालू को किया जब्त, प्राथमिकी दर्ज

Palamu News: पलामू के पांडू प्रखंड में प्रशासन ने अवैध बालू भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 4800 सीएफटी बालू जब्त किया है. अंचलाधिकारी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. प्रशासन ने अवैध उत्खनन और भंडारण के खिलाफ सख्त अभियान जारी रखने की बात कही है.

पलामू से मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट

Palamu News: झारखंड के पलामू जिले में अवैध बालू उत्खनन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. पांडू प्रखंड के कुटमु स्थित चेड़ी धाम के समीप अवैध रूप से जमा किए गए 4800 सीएफटी बालू को जब्त कर लिया गया है. मामले में अंचलाधिकारी के आवेदन पर पांडू थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और भंडारण में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा.

जांच के दौरान मिला भारी मात्रा में बालू का भंडारण

जानकारी के अनुसार, 25 जून को पांडू के अंचलाधिकारी ने मौजा कुटमु स्थित चेड़ी धाम के पास अवैध बालू भंडारण की शिकायत मिलने पर स्थल का निरीक्षण किया. जांच के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बड़ी मात्रा में बालू जमा पाया गया. निरीक्षण में भूषण चौधरी और बृजमोहन चौधरी, जो आपस में सगे भाई हैं, के बगीचे में करीब 4000 सीएफटी बालू रखा मिला. वहीं बबलू चौधरी के खेत में लगभग 800 सीएफटी बालू का भंडारण पाया गया. इस प्रकार कुल 4800 सीएफटी बालू अवैध रूप से जमा होने की पुष्टि हुई.

स्थानीय लोगों से पूछताछ, लेकिन नहीं मिला स्पष्ट जवाब

जांच के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने आसपास के ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की. हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि बालू किसके द्वारा और किन वाहनों से लाकर वहां जमा किया गया था. प्रशासन का कहना है कि अवैध भंडारण के पीछे शामिल लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी रहेगी. जरूरत पड़ने पर अन्य साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर भी कार्रवाई की जाएगी.

बालू जब्त कर दर्ज की गई प्राथमिकी

निरीक्षण के बाद प्रशासन ने मौके पर मौजूद 4800 सीएफटी अवैध बालू को जब्त कर लिया. इसके बाद अंचलाधिकारी ने पांडू थाना में लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की. आवेदन के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली, 2004 तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और दोषियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है.

अवैध खनन पर प्रशासन का सख्त रुख

प्रशासन ने कहा है कि जिले में अवैध बालू उत्खनन और भंडारण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यदि जांच में कोई व्यक्ति अवैध खनन, परिवहन या भंडारण में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों के अनुसार, प्राकृतिक संसाधनों की अवैध निकासी से सरकार को राजस्व का नुकसान होता है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. इसी कारण प्रशासन लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है.

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आगे भी जारी रहेगा अभियान

पांडू अंचल प्रशासन और पुलिस ने संकेत दिया है कि अवैध बालू कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आने वाले दिनों में भी विशेष अभियान चलाया जाएगा. संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण, छापेमारी और निगरानी की जाएगी ताकि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाई जा सके. प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध बालू खनन या भंडारण की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन या पुलिस को दें. अधिकारियों का कहना है कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

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लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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