मेदिनीनगर. पलामू जिले के छतरपुर प्रखंड क्षेत्र के लेवाड़ गांव स्थित न्यू प्राथमिक विद्यालय मौनाहा में बारिश के दिनों में जलजमाव बड़ी समस्या बन जाती है. विद्यालय परिसर में पानी भरने के साथ ही पानी कमरों में भी प्रवेश कर जाता है. इससे पठन-पाठन प्रभावित होता है और स्कूल में रखे जरूरी दस्तावेज व अभिलेख भी बर्बाद हो चुके हैं. वहीं, 61 छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय में सिर्फ एक शिक्षक है.
चार कमरों में सिर्फ दो का हो रहा उपयोग
विद्यालय के शिक्षक बसंत सिंह ने बताया कि स्कूल भवन का निर्माण वर्ष 2010 में हुआ था. भवन में कुल चार कमरे हैं, लेकिन जलजमाव के कारण वर्तमान में सिर्फ दो कमरों का ही उपयोग हो पा रहा है. बारिश के दिनों में परिसर में पानी भर जाने से बच्चों और शिक्षकों को काफी परेशानी होती है.
कमरे में पानी घुसने से अभिलेख बर्बाद
शिक्षक ने बताया कि विद्यालय बाकी नदी के तट पर स्थित है. करीब चार वर्ष पहले नदी में बाढ़ आने के कारण पूरा विद्यालय जलमग्न हो गया था. उस दौरान स्कूल में रखा जरूरी सामान और अभिलेख पूरी तरह नष्ट हो गये थे. बारिश के दिनों में पानी भरने की समस्या अब भी बनी हुई है.
2024 में बीडीओ को दिया था आवेदन
जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए वर्ष 2024 में बीडीओ को आवेदन दिया गया था. इसके अलावा डीईओ और डीएससी को भी आवेदन भेजकर समस्या की जानकारी दी गयी. शिक्षक के अनुसार, कई स्तर पर शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है.
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61 बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा एक शिक्षक पर
विद्यालय में कुल 61 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जबकि पढ़ाने के लिए सिर्फ एक शिक्षक हैं. ऐसे में बच्चों की पढ़ाई भी सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है. जलजमाव की समस्या और शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालय में पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है.
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