नक्सलियों की साजिश नाकाम, दूधिया जंगल से मिला 8 किलो का लैंडमाइन और देशी कट्टा

Naxal News: झारखंड के पलामू जिले में पुलिस ने नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम कर दी है. दुधिया जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान 8 किलो का लैंडमाइन और देशी कट्टा बरामद हुआ है.

Naxal News Jharkhand: झारखंड में पुलिस ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम कर दी है. पलामू जिले के हुसैनाबाद व मोहम्मदगंज थाना के सीमा क्षेत्र स्थित दूधिया जंगल से 8 किलो का लैंडमाइन और हथियार बरामद किया है. नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने या किसी हमले के इरादे से इसे दूधिया जंगल में छिपाकर रखा था. पुलिस लगातार कई दिनों से नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चला रही है.

लोहबंधा जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे है दूधिया जंगल

दूधिया जंगल मोहम्मदगंज से हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के लोहबंधा जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे है. ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में माओवादियों की उपस्थिति व उनकी सक्रियता की सूचना पुलिस को लगातार मिल रही थी. इसलिए कई थानों की पुलिस ने मिलकर जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया था.

नक्सलियों की तलाश में जंगल की खाक छान रही 3 थाने की पुलिस

हुसैनाबाद अनुमंडल के 3 थानों की पुलिस, पांडु, ऊंटारीरोड और जगुआर के जवान कई दिनों से माओवादियों की गतिविधियों पर अंकुश रखने के लिए जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रखा था. दूधिया जंगल मे जिस जगह लैंडमाइंस और हथियार बरामद हुए हैं, वहां वन विभाग ने काफी पहले पौधरोपण किया था.

जंगल में मिले 8 किलो के आईईडी को पुलिस ने किया नष्ट

सर्च ऑपरेशन के दौरान मिले 8 किलो के विस्फोटक को पुलिस ने नष्ट कर दिया है. विस्फोटक और हथियार शुक्रवार को दिन में करीब 3 बजे बरामद किये गये. पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित नक्सली संगटन भाकपा माओवादी का नीतीश यादव का दस्ता पलामू के पांडु, ऊंटारीरोड, मोहम्मदगंज, हुसैनाबाद के जंगलों में सक्रिय है.

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कुछ दिनों से क्षेत्र में सक्रिय हैं नक्सली

ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में मोहम्मदगंज प्रखंड के कादल पंचायत के एक ईंट-भट्ठा के मजदूरों के साथ मारपीट की थी. ऊंटारी प्रखंड के मुरमा कला में एक पंचायत प्रतिनिधि द्वारा आयेजित बर्थडे पार्टी में भी माओवादी दस्ता किसी की तलाश में आया था. पार्टी में पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीण व ऊंटारी प्रखंड के कई कर्मचारी मौजूद थे.

4 दिन पहले रात भर माहूर गांव के स्कूल में पुलिस ने किया कैंप

नक्सली दस्ता जन्मदिन की पार्टी में तो पहुंचा, लेकिन उसके सदस्यों ने वहां मौजूद किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया. पुलिस को इसकी लगातार सूचना मिल रही थी. इसके बाद पुलिस ने भाकपा माओवादियों की तलाश में मोहम्मदगंज के माहूर गांव के स्कूल में रात भर कैंप किया था. यह 4 दिन पहले की बात है.

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लोहबंधा गांव के पास मिला विस्फोटक और देशी कट्टा

इसके बाद सर्च ऑपरेशन चलाने का फैसला किया गया. माहूर से करीब 3 किलोमीटर दूर लोहबंधा गांव के पास दूधिया जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान लैंडमाइन और एक देशी कट्टा पुलिस ने बरामद किया. लैंडमाइन और हथियार जमीन के अंदर दबाकर रखे गये थे. माओवादियों की तलाश में हुसैनाबाद एसडीपीओ समेत कई थाना के प्रभारी अलग-अलग टुकड़ी में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं.

हुसैनाबाद थाना सीमा क्षेत्र में दिखायी बरामदगी

दूधिया जंगल में मिले विस्फोटकों को लेकर पुलिस काफी देर तक परेशान रही. तय नहीं हो पा रहा था कि जब्ती कहां से दिखायी जाये. मोहम्मदगंज, हुसैनाबाद या हैदरनगर! आखिरकार सामग्री की जब्ती सूची का स्थान हुसैनाबाद थाना सीमा क्षेत्र तय किया गया.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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