नौशाद अहमद की रिपोर्ट
हुसैनाबाद(पलामू). जिले के हुसैनाबाद स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता और प्रशासनिक ढिलाई के कारण हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र के शहरी व ग्रामीण इलाकों में अवैध पैथोलॉजी लैब का खेल धड़ल्ले से फल-फूल रहा है. मात्र दो-चार को छोड़कर अधिकांश लैब बिना सरकारी निबंधन और मानकों की धज्जियां उड़ाकर चलाये जा रहे हैं. इन सेंटरों पर तैनात नौसिखिया कर्मी मरीजों के सैंपल लेते हैं. इनकी गलत और त्रुटिपूर्ण रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर मरीजों को भारी-भरकम दवाएं लिख देते हैं, जिससे मरीजों को वास्तविक बीमारी का सही समय पर पता नहीं चल पाता.
कमीशन का खेल और नियमों की अनदेखी
इन केंद्रों पर जांच के नाम पर मरीजों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है. सरकारी नियमों के विपरीत कहीं भी मूल्यसूची प्रदर्शित नहीं है, बल्कि जैसा मरीज, वैसा शुल्क का मनमाना फॉर्मूला लागू है. क्षेत्र के कई झोलाछाप डॉक्टर मोटे कमीशन के चक्कर में मरीजों को जबरन इन अवैध लैबों में भेजते हैं, जिसके बदले लैब संचालक उन्हें साप्ताहिक या मासिक कमीशन देते हैं. हद तो यह है कि नियमों को ताक पर रखकर एमबीबीएस या एमडी पैथोलॉजिस्ट की जगह सिर्फ डीएमएलटी डिग्रीधारी या उनके अप्रशिक्षित सहयोगी ही जांच रिपोर्ट तैयार कर उस पर खुद ही हस्ताक्षर कर देते हैं.
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टीम गठित कर चलाया जायेगा अभियान
मामला सामने आने पर हुसैनाबाद के प्रभारी स्वास्थ्य उपाधीक्षक डॉ. शशि भूषण ने कहा कि कुछ पैथोलॉजी केंद्रों में अनियमितताओं की जानकारी मिली है. मामले को संज्ञान में लेते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जल्द ही एक विशेष टीम का गठन कर क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया जाएगा. जांच में दोषी और बिना निबंधन के चल रहे लैब संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
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