प्रतिनिधि, मेदिनीनगर झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर अभाविप ने हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है. प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कौशल मिश्रा ने कहा कि सरकार झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ छेड़छाड़ करना बंद करें. अन्यथा व्यापक आंदोलन किया जायेगा. कौशल मिश्रा ने कहा कि जेटेट परीक्षा में क्षेत्रीय भाषाओं की अनदेखी कर पलामू व गढ़वा के युवाओं के साथ अन्याय किया गया है. विशेष रूप से हिंदी, मगही व भोजपुरी जैसी स्थानीय भाषाओं को स्थान न देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने इसे न केवल शैक्षणिक बल्कि सांस्कृतिक उपेक्षा भी बताया. क्षेत्रों के अधिकांश अभ्यर्थी इन्हीं भाषाओं के माध्यम से अपनी शिक्षा पूरी करते हैं. ऐसे में उन्हें परीक्षा से वंचित करना उनके अधिकारों का हनन है. कहा कि जेटेट अब पलामू-गढ़वा के अभ्यर्थियों के लिए अभिशाप बनता जा रहा है. वर्षों की तैयारी के बावजूद जब छात्रों को उनकी ही भाषा में परीक्षा देने का अवसर नहीं मिलता. तो यह उनके आत्मविश्वास और भविष्य दोनों को प्रभावित करता है. सरकार से मांग किया कि जल्द से जल्द मगही व भोजपुरी को जेटेट में शामिल किया जाय. यदि सरकार ने इस मुद्दे पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगा. मौके पर नगर सह मंत्री अमन पांडेय, कार्यालय मंत्री अभय कुमार सहित कई लोग मौजूद थे.
युवाओं के भविष्य के साथ छेड़छाड़ बंद करे सरकार : अभाविप
युवाओं के भविष्य के साथ छेड़छाड़ बंद करे सरकार : अभाविप
