शिवेंदु कुमार की रिपोर्ट
मेदिनीनगर (पलामू): नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) के कुलपति डॉ दिनेश कुमार सिंह के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है. इस संबंध में राज्यपाल सचिवालय की ओर से पत्र जारी किया गया है. राज्यपाल सचिवालय के सूत्रों के अनुसार कुलपति के खिलाफ विभिन्न स्तरों पर शिकायतें प्राप्त हुई थीं. इसके बाद यह कार्रवाई की गई है.
पलामू के सांसद बीडी राम ने भी एनपीयू के कुलपति के संबंध में राज्यपाल से शिकायत की थी. इसके बाद एनएसयूआई के अमरनाथ तिवारी, अभिषेक तथा आपसू के राहुल कुमार दुबे और कमलेश कुमार ने दो सितंबर को राज्यपाल से शिकायत की थी. शिकायत के साथ वित्तीय अनियमितता से जुड़े कई साक्ष्य भी दिए गए थे.
47 करोड़ से अधिक के खर्च पर विशेष ऑडिट में आपत्ति
राज्यपाल सचिवालय के आदेश पर वित्त विभाग की ओर से एनपीयू का विशेष अंकेक्षण कराया गया था. विशेष ऑडिट में तीन मार्च 2025 से जनवरी 2026 तक 47 करोड़ 21 लाख 16 हजार रुपए के खर्च पर आपत्ति दर्ज की गई थी. वहीं, 19 लाख 64 हजार 126 रुपए की राशि को वसूली योग्य बताया गया था.
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ऑडिट रिपोर्ट में करीब पांच करोड़ रुपए के भुगतान से जुड़े मामलों पर भी गंभीर आपत्ति दर्ज की गई थी. रिपोर्ट के अनुसार डॉ दिनेश सिंह के कार्यकाल में किए गए एक करोड़ 10 लाख 20 हजार 752 रुपए के भुगतान को ऑडिटर ने गबन की श्रेणी में रखा है.
इसी तरह एकरारनामा से अलग अनियमित बीजक प्रस्तुत कर एक करोड़ 51 लाख 39 हजार 128 रुपए की जीएसटी राशि से संबंधित अनियमितता का उल्लेख किया गया है. डिजिटलीकरण मद में एनसीसीएफ को दो करोड़ 68 लाख 73 हजार 790 रुपए के अनियमित भुगतान का भी ऑडिट में उल्लेख किया गया है. इसके अलावा कई अन्य मामलों पर भी आपत्ति दर्ज की गई है.
अपर मुख्य सचिव ने की अधिकार पर रोक की पुष्टि
झारखंड के राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने बताया कि एनपीयू के कुलपति डॉ दिनेश कुमार सिंह के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है.
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