बाल संरक्षण व सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा प्रतिनिधि, मेदिनीनगर सोमवार को समाहरणालय सभागार में डीसी समीरा एस की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई. बैठक में सामाजिक सुरक्षा विभाग एवं श्रम, नियोजन व कौशल प्रशिक्षण विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गयी. बैठक के दौरान बच्चों के संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिकों के कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. डीसी ने बाल सुधार गृह एवं वात्सल्य धाम में रह रहे बच्चों की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिया कि सभी बच्चों को नियमानुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाये. उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. डीसी ने डीसीपीयू कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए इसे एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया. साथ ही बाल कल्याण समिति द्वारा प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने हाउस स्टडी रिपोर्ट एवं सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट तैयार कर बच्चों को फोस्टर पेरेंट्स से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि उन्हें बेहतर पारिवारिक वातावरण मिल सके. बैठक में सामाजिक सुरक्षा के सहायक निदेशक ने जानकारी दी कि स्पॉन्सरशिप योजना के तहत लाभान्वित बच्चों को राशि का भुगतान किया जा चुका है और उनके परिवार के सदस्यों को आजीविका मिशन से जोड़ा गया है. इसके अलावा मेधावी पुत्र-पुत्री छात्रवृत्ति योजना, श्रमिक औजार सहायता योजना, निर्माण श्रमिक सेफ्टी किट योजना, मातृत्व सुविधा योजना, झारखंड निर्माण कर्मकार मृत्यु एवं दुर्घटना सहायता योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना, विवाह सहायता योजना तथा चिकित्सा सहायता योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गयी. असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में लाभान्वित श्रमिकों से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई. डीसी ने श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक श्रमिकों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाये. इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने तथा निबंधित श्रमिकों को कार्ड नवीनीकरण के लिए प्रेरित करने को कहा गया.
डीसी ने योजनाओं की समीक्षा में दिखायी सख्ती, बच्चों व श्रमिकों पर फोकस
बाल संरक्षण व सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
