पलामू : हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र के किसान नीलगायों के आतंक से इतना परेशान हैं कि वर्षों से दलहन तेलहन व सब्जियों की फसल लगाना ही छोड़ दिया है. इसका सीधा असर स्थानीय बाजार पर पड़ रहा है और किसानों की आर्थिक स्थिति चरमरा गयी है. किसानों ने इस समस्या को लेकर वन विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार अवगत कराया है. मगर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. कई बार यह मामला प्रखंड विकास समिति की बैठकों में भी सदस्यों ने उठाया है. बैठक में वन विभाग के अधिकारियों का एक ही जवाब मिलता है कि किसानों की फसल नीलगायों से बर्बाद होती है, तो उन्हें मुआवजा दिया जाता है.
दलहन, तेलहन व सब्जियों की खेती बंद

दलहन, तेलहन व सब्जियों की खेती बंद
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पलामू : हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र के किसान नीलगायों के आतंक से इतना परेशान हैं कि वर्षों से दलहन तेलहन व सब्जियों की फसल लगाना ही छोड़ दिया है. इसका सीधा असर स्थानीय बाजार पर पड़ रहा है और किसानों की आर्थिक स्थिति चरमरा गयी है. किसानों ने इस समस्या को लेकर वन विभाग व प्रशासनिक […]
2500 हेक्टेयर भूमि है प्रभावित: अनुमंडल क्षेत्र के सोन व कोयल नदियों के तटवर्ती क्षेत्र के अलावा सटे हुए अन्य इलाकों में भी नीलगायों का आतंक रहता है. जिससे करीब 2500 हेक्टेयर भूमि में दलहन, तेलहन व सब्जियों की खेती किसान नहीं कर पा रहे हैं. किसानों के अनुसार प्रभावित क्षेत्र के किसानों ने सब्जियों की खेती बंद कर दिया है. बाजारों में बाहर से सब्जियां लायी जा रही है. यही वजह है कि वह महंगी बेची जा रही है. उन्होंने बताया कि दलहन, तेलहन व सब्जियों की खेती को मिनटों में नीलगाय चट कर जाते हैं, जिससे किसानों की मेहनत व पैसा दोनों की बर्बादी होती है.