संताल परगना स्थापना दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि

संथाल परगना स्थापना दिवस पर सिदो-कान्हो मुर्मू पार्क में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें संथाल हूल के वीर शहीद सिदो-कान्हो और चांद-भैरव को श्रद्धांजलि दी गई। प्रशासनिक अधिकारियों और केकेएम कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनका बलिदान याद किया। नगर परिषद उपकार्यपालक अमरेंद्र चौधरी ने 22 दिसंबर 1855 को शुरू हुए संथाल विद्रोह और इसके नेताओं के अंग्रेजों, साहूकारों व जमींदारों के खिलाफ संघर्ष का उल्लेख किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे और शहीदों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। माईनेल किस्कू, चांद हांसदा, बाबूलाल मरांडी समेत कई प्रमुख गणमान्य मौजूद थे।

प्रतिनिधि, पाकुड़. संथाल परगना स्थापना दिवस पर सोमवार को सिदो-कान्हो मुर्मू पार्क में कार्यक्रम आयोजित किया गया. संथाल हूल के वीर शहीदों सिदो-कान्हो और चांद-भैरव को श्रद्धांजलि दी गई. उनकी प्रतिमा पर प्रशासनिक अधिकारियों और केकेएम कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने माल्यार्पण किया. नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी अमरेंद्र चौधरी ने बताया कि 22 दिसंबर 1855 को संथाल विद्रोह की शुरुआत हुई थी. इस विद्रोह में सिदो-कान्हो और चांद-भैरव ने अंग्रेजों, साहूकारों और जमींदारों के अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष किया था. हर साल इस दिन उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बलिदान को याद किया जाता है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और शहीदों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया. मौके पर माईनेल किस्कू, चांद हांसदा, बाबूलाल मरांडी, मनवेल टुडू, माशेर्ल हेम्ब्रम, बड़का मुर्मू, कालीदास सोरेन, पुनम हेम्ब्रम, च्रपा सोरेन, प्रेमलता हेम्ब्रम समेत अन्य मौजूद थे.

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Author: RAGHAV MISHRA

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