प्रतिनिधि, पाकुड़िया : भाई-बहन के प्रेम और प्रकृति संरक्षण का पर्व करमा रविवार को पाकुड़िया प्रखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया गया. लखीपोखर, पाथरडांगा, श्रीरामपुर, राधानगर सहित दर्जनों गांवों में घटवार समाज की ओर से करमा महोत्सव का आयोजन किया गया. इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया. मांदर की थाप और पारंपरिक गीतों की धुन पर लोग देर रात तक झूमते रहे.
फीता काटकर हुआ महोत्सव का उद्घाटन
पाकुड़िया प्लस टू हाई स्कूल मैदान में भुइयां, घटवाल, घटवार, आदिवासी महासभा के बैनर तले आयोजित करमा महोत्सव का उद्घाटन कर्म गुरु अकलू राय, पाकुड़िया पंचायत की मुखिया अनिता सोरेन और जिला परिषद अध्यक्ष जुली ख्रीष्ट मनी हेंब्रम ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया. इस दौरान प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से भुइयां-घटवार समाज के लोग जुटे. विधि-विधान के साथ करम डाली और जावा की पूजा की गयी. इसके बाद मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य और गीत का दौर देर रात तक चलता रहा.
भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं बहनें
समारोह के आयोजक सह भुइयां, घटवाल, घटवार, आदिवासी महासभा के नेता लक्ष्मण राय, दामोदर राय और गोपाल राय ने करमा पर्व की महत्ता पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि करमा पर्व भाई-बहन के प्रेम और आपसी संबंधों का प्रतीक है. इस अवसर पर बहनें भाई की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना को लेकर उपवास करती हैं और करमा भगवान की पूजा करती हैं.
पेड़-पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प
लक्ष्मण राय ने कहा कि जंगल और पेड़-पौधों के कारण ही जीवन संभव है. इसलिए समाज ने जंगल और पेड़-पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा कि करमा पर्व के माध्यम से पेड़ों की तुलना भाई-बहन से करते हुए उन्हें राखी बांधी जाती है और उनके संरक्षण का संकल्प लिया जाता है. यह पर्व प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देता है.
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
मौके पर मुखिया अनिता सोरेन, हिरदयानंद भगत, ब्रीजमोहन चौबे, मानिक राय, प्रदीप भगत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
