तृणमूल कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह, अपने ही सदस्यों ने खोला मोर्चा मनमानी और उपेक्षा के आरोपों से घिरीं अध्यक्ष, सदस्यों ने जताया असंतोष प्रतिनिधि, फरक्का फरक्का पंचायत समिति की अध्यक्ष नीलूफ़ा यास्मिन के खिलाफ राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. उनकी ही पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 16 सदस्यों ने मंगलवार को जंगीपुर एसडीओ कार्यालय पहुंचकर एसडीओ सुवीर कुमार रेड्डी को अविश्वास प्रस्ताव का लिखित नोटिस सौंप दिया. इस घटनाक्रम के बाद पंचायत समिति की राजनीति में नया मोड़ आ गया है. जानकारी के अनुसार, फरक्का पंचायत समिति में कुल 27 सदस्य हैं. इनमें तृणमूल कांग्रेस के 17, कांग्रेस के 6, माकपा के 2 और भाजपा के 2 सदस्य शामिल हैं. तृणमूल कांग्रेस के 17 सदस्यों में से 16 ने अध्यक्ष नीलूफ़ा यास्मिन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है. तृणमूल कांग्रेस के सदस्य मोहम्मद हुमायूं इस्लाम ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष लंबे समय से मनमाने ढंग से कार्य कर रही थीं. इससे पार्टी के कई निर्वाचित सदस्य खुद को उपेक्षित और अपमानित महसूस कर रहे थे. उन्होंने कहा कि इसी असंतोष के कारण 16 सदस्य एकजुट हुए और अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया. वहीं, अध्यक्ष नीलूफ़ा यास्मिन से संपर्क किए जाने पर उन्होंने इस मामले में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. अब अविश्वास प्रस्ताव पर प्रशासनिक प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई को लेकर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.
फरक्का पंचायत समिति अध्यक्ष के खिलाफ 16 सदस्यों का अविश्वास प्रस्ताव

फरक्का पंचायत समिति अध्यक्ष के खिलाफ 16 सदस्यों का अविश्वास प्रस्ताव
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फरक्का पंचायत समिति की अध्यक्ष नीलूफ़ा यास्मिन के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस के 16 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव सौंपा है। सदस्यों का आरोप है कि अध्यक्ष मनमानी और उपेक्षा कर रही हैं, जिससे पार्टी में असंतोष बढ़ा है। तृणमूल कांग्रेस के 17 में से 16 सदस्यों ने यह कदम उठाया है। अध्यक्ष ने इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अब प्रशासनिक प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।