लोहरदगाः लोहरदगा-गुमला ट्रक ओनर एसोसिएशन की आम बैठक बक्सीडीपा कार्यालय के समीप अध्यक्ष कवलजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई. बैठक में जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) के कथित रवैये के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तय की गई. एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से दूरी संबंधी नियमों के आधार पर बॉक्साइट लदे ट्रकों को जब्त कर दो से तीन लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा रहा है.
चालान में दूरी कम दिखाने का आरोप
ट्रक मालिकों के अनुसार माइंस से हेसल तक की वास्तविक दूरी करीब 115 किलोमीटर है, जबकि चालान में दूरी कम दर्शायी जा रही है. इसके कारण ट्रक चालकों से तीन-चार घंटे में माल खाली करने की अपेक्षा की जाती है. ट्रक मालिकों का कहना है कि रास्ते में फॉरेस्ट चेक नाका, नो-एंट्री, बाजार, स्कूल, जाम, वीआइपी मूवमेंट और धरना-प्रदर्शन समेत कई कारणों से निर्धारित समय में पहुंचना संभव नहीं है.
एसोसिएशन ने अन्य माइंस की दूरी भी कम दर्शाए जाने का आरोप लगाया है. बताया गया कि इस संबंध में उपायुक्त और डीएमओ को पूर्व में लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है. एसोसिएशन के अनुसार दो ट्रक अब भी जब्त हैं.
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12 सितंबर को धरना, 21 से अनिश्चितकालीन हड़ताल
बैठक में निर्णय लिया गया कि 12 सितंबर को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना दिया जाएगा. इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर 21 सितंबर से करीब 1500 बॉक्साइट ट्रकों का अनिश्चितकालीन परिचालन बंद करने का निर्णय लिया गया है. एसोसिएशन की ओर से हिंडाल्को कंपनी और गुमला जिला प्रशासन को भी ज्ञापन सौंपा जाएगा. आंदोलन के तहत मशाल जुलूस, नुक्कड़ सभा और धरना-प्रदर्शन करने की बात कही गई है. बैठक में बड़ी संख्या में ट्रक मालिक और एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद थे.
