सेविकाओं को कुपोषित बच्चों की पहचान का प्रशिक्षण

कुड़ू में बाल विकास परियोजना कार्यालय द्वारा कुपोषित बच्चों की पहचान को लेकर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया.

कुड़ू. कुड़ू में बाल विकास परियोजना कार्यालय द्वारा कुपोषित बच्चों की पहचान को लेकर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. गुरुवार को तीसरे दिन जीमा, चीरी, लावागाई, टाटी और कुड़ू पंचायत की 40 सेविकाओं एवं सहियाओं को प्रशिक्षित किया गया. सीडीपीओ सानिया मंजुल ने सेविकाओं और सहियाओं को बताया कि समाज कल्याण और बाल विकास परियोजना विभाग द्वारा 11 मापदंडों के आधार पर कुपोषित बच्चों की पहचान की जायेगी. इस प्रक्रिया के तहत बच्चों के वजन, लंबाई, बाजू की मोटाई और अन्य शारीरिक संकेतकों की जांच की जायेगी. प्रशिक्षण के बाद, सेविकाएं और सहिया संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों में अभियान चलाकर कुपोषित बच्चों की पहचान करेंगी और बाल विकास परियोजना कार्यालय को रिपोर्ट देंगी। इसके बाद विभाग द्वारा कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी. इस अवसर पर प्रशिक्षक कमला देवी, कुसुम कुमारी, निशु महतो और पर्यवेक्षिका सुलक्ष्णा टुडू ने सेविकाओं को कुपोषण की पहचान एवं उपचार की प्रक्रिया समझायी. मौके पर सीडीपीओ सानिया मंजुल, पर्यवेक्षिका सुलक्ष्णा टुडू, शिवनारायण ठाकुर और अन्य अधिकारी उपस्थित थे. यह प्रशिक्षण कुपोषित बच्चों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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Published by: Anuj singh

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