कुड़ू़ प्रखंड के बरवाटोली में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार शाम श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य प्रभु दास जी महाराज के संगीतमय प्रवचन ने भक्तों को देर रात तक भावविभोर कर दिया. पूरा क्षेत्र कान्हा की भक्ति और जयकारों से गुंजायमान रहा. बांसुरी की धुन और बाल रूप का वर्णन : कथा के दौरान आचार्य प्रभु दास जी महाराज ने भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप का मनमोहक वर्णन किया. उन्होंने कहा कि जब वृंदावन सूना और उदास था, तब बाल कृष्ण ने अपनी बांसुरी की दिव्य धुन से पूरे ब्रज को प्रफुल्लित कर दिया था. महाराज ने जोर देकर कहा कि भागवत कथा का श्रवण मात्र मानव जीवन को सफल बना देता है और सभी पापों से मुक्ति दिलाता है. जिस स्थान पर यज्ञ और प्रवचन होते हैं, वहां साक्षात देवी-देवताओं का वास होता है. विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना : प्रवचन से पूर्व संध्या पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंडप पूजन किया गया. पुरोहित विनय पांडे ने यजमानों से विधि-विधान के साथ यज्ञवेदी का पूजन संपन्न कराया और सभी देवी-देवताओं का आह्वान किया. इसके पश्चात कृष्ण-कन्हैया के बाल स्वरूप की आरती उतारी गयी और संगीतमय कथा का शुभारंभ हुआ. इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं.
कान्हा की बांसुरी की धुन से झूम उठा था पूरा वृंदावन : प्रभु दास जी महाराज
कान्हा की बांसुरी की धुन से झूम उठा था पूरा वृंदावन : प्रभु दास जी महाराज
