हिट एंड रन के मृतकों के आश्रितों को मिलेंगे दो लाख व घायलों को 50 हजार : पीडीजे

हिट एंड रन के मृतकों के आश्रितों को मिलेंगे दो लाख व घायलों को 50 हजार : पीडीजे

लोहरदगा़ व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित सभाकक्ष में मोटर एक्सीडेंट क्लेम केसेस को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे) सह डालसा अध्यक्ष राजकमल मिश्रा, डालसा सचिव राजेश कुमार और डीएसपी मुख्यालय समीर तिर्की ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. समय पर रिपोर्टिंग से आसान होगी प्रक्रिया : पीडीजे राजकमल मिश्रा ने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना के मामलों में मुआवजे का स्पष्ट प्रावधान है. यदि 48 घंटे के भीतर प्रथम दुर्घटना रिपोर्ट (एफएआर) एमएसीटी कोर्ट में जमा कर दी जाये, तो पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सकेगा. डीएसपी समीर तिर्की ने भरोसा दिलाया कि पुलिस समय पर रिपोर्ट जमा करना सुनिश्चित करेगी. उन्होंने कहा कि प्राथमिकता दुर्घटना रोकने की होनी चाहिए, लेकिन हादसा होने पर सरकारी प्रावधानों के तहत पीड़ित को लाभ दिलाना हमारा कर्तव्य है. बीमा की अनिवार्यता और हिट एंड रन का लाभ : रिसोर्स पर्सन शिव प्रकाश ने बताया कि महज 1300 रुपये (दो पहिया) और 3000 रुपये (चार पहिया) के थर्ड पार्टी बीमा से बड़ी कानूनी जवाबदेही से बचा जा सकता है. डालसा सचिव राजेश कुमार ने बताया कि हिट एंड रन (वाहन चालक के भाग जाने) के मामलों में मृतक के आश्रित को दो लाख और घायल को 50 हजार रुपये की सहायता मिलती है, जिसका आवेदन एसडीओ कार्यालय में देना होता है. आंकड़ों में मुआवजा वितरण : सचिव ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में हिट एंड रन के कुल 17 मामले आये, जिनमें से आठ मामलों में 16 लाख रुपये का वितरण किया जा चुका है और शेष 9 फाइलें प्रक्रियाधीन हैं. मौके पर ओरिएंटल इंश्योरेंस के प्रबंधक, अधिवक्ता जेपीएन सिन्हा, लाल धर्मेंद्र देव सहित विभिन्न थानों के पुलिस अधिकारी और पीएलवी उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >